एआईएमटीसी की अगुवाई में चक्का जाम पर उतरीं दिल्ली-एनसीआर की ट्रांसपोर्ट यूनियनें

सी.ए.क्यू.एम. और दिल्ली सरकार द्वारा NGT टैक्स में भारी वृद्धि तथा बी.एस. IV कमर्शियल वाहनों पर 01.11.2026 से दिल्ली में प्रतिबंध का विरोध

21 से 23 मई तक दिल्ली एनसीआर की ट्रांसपोर्ट यूनियन की ओर से तीन दिवसीय सांकेतिक चक्काजाम|

खबर है..
नई दिल्ली
ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के नेतृत्व में दिल्ली एनसीआर की ट्रांसपोर्ट यूनियनों ने सीएक्यूएम और दिल्ली सरकार द्वारा एनजीटी टैक्स में भारी वृद्धि तथा बीएस4 कमर्शियल वाहनों पर एक नवंबर से दिल्ली में प्रतिबंध के विरोध में सांकेतिक चक्का जाम का ऐलान किया है। दिल्ली एनसीआर सभी ट्रांसपोर्ट यूनियनें 21 से 23 मई तक तीन दिवसीय सांकेतिक चक्का जाम पर रहेंगी।
इस संबंध में ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस (एआईएमटीसी ) के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ हरीश सभरवाल की अध्यक्षता में 26 अप्रैल को दिल्ली एवं एनसीआर की सभी प्रमुख ट्रांसपोर्ट एसोसिएशनों और यूनियनों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई । इस बैठक में सी.ए.क्यू.एम एवं दिल्ली सरकार द्वारा पर्यावरण क्षतिपूर्ति शुल्क (ई.सी.सी.) में की गई भारी बढ़ोतरी तथा बी.एस. IV कमर्शियल वाहनों पर 01.11.2026 से दिल्ली में प्रतिबंध पर विस्तार से चर्चा की गई और इस फैसले के खिलाफ सभी परिवहन संगठनों के पदाधिकारियों ने तीखी प्रतिक्रिया और रोष प्रकट किया |
डॉ हरीश सभरवाल ने ई.सी.सी. बढ़ोतरी पर ट्रांसपोर्ट सेक्टर की प्रमुख चिंताएं से अवगत करते हुए कहा “सी. ए. क्यू. एम की सिफारिश के अनुसार, जो ट्रक दिल्ली में न तो लोड करते हैं और न ही अनलोड, बल्कि सिर्फ दिल्ली को एक कॉरिडोर की तरह पार करके दूसरे राज्यों में माल लेकर जाते हैं, उन्हें ईस्टर्न और वेस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर भेजने के लिए इस शुल्क में बढ़ोतरी का सुझाव दिया गया था। इसका एआईएमटीसी ने भी समर्थन किया था।
माननीय सुप्रीम कोर्ट के भी आदेश के अनुसार ई.सी.सी. बढ़ाने का उद्देश्य केवल उन ट्रकों को हतोत्साहित करने का था, जो बिना किसी काम के दिल्ली से ट्रांजिट होकर गुजरते हैं | यह व्यवस्था सिर्फ ट्रांजिट वाहनों पर लागू होनी थी, न कि दिल्ली में सामान लाने-ले जाने वाले वाहनों पर, जो दिल्ली की अर्थव्यवस्था को सुचारु बनाने और यहाँ के निवासियों के लिए आवश्यक सामान लाने और ले जाने का कार्य करते हैं। लेकिन सी. ए. क्यू. एम और दिल्ली सरकार ने यह ई.सी.सी. बढ़ोतरी सभी वाहनों पर लागू कर दी है, यहां तक कि उन ट्रकों पर भी जो दिल्ली में लोडिंग-अनलोडिंग के लिए जरूरी रूप से आते हैं और यहां के निवासियों को आवश्यक सामान पहुंचाते हैं।
यह ट्रक ऑपरेटर्स के साथ अन्याय और विश्वासघात है। यह बढ़ोतरी सीधे तौर पर ट्रांसपोर्ट व्यवसाय पर चोट करती है| सरकार का यह कदम जमीनी हकीकत से दूर है और दिल्ली में आने वाली सभी आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई चेन पर नकारात्मक असर पड़ेगा।

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