पीएम-सेतु के तहत देशभर में आईटीआई उन्नयन को मिली रफ्तार

₹1,237.58 करोड़ के निवेश को मंजूरी खबर है..नई दिल्लीकौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय (एमएसडीई) की सचिव देबाश्री मुखर्जी की अध्यक्षता में आयोजित पीएम-सेतु (Pradhan Mantri Skilling and Employability Transformation through Upgraded ITIs) की चौथी राष्ट्रीय संचालन समिति (NSC) की बैठक में देशभर के 200 आईटीआई क्लस्टरों में योजना के राष्ट्रव्यापी विस्तार को मंजूरी दी गई।बैठक में उद्योगों की भागीदारी बढ़ाने, सार्वजनिक उपक्रमों (PSUs) को जोड़ने और योजना के क्रियान्वयन को सरल बनाने के कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।₹1,237.58 करोड़ के रणनीतिक निवेश को मंजूरी:समिति ने ओडिशा, गुजरात और तेलंगाना के पांच आईटीआई क्लस्टरों के लिए कुल ₹1,237.58 करोड़ के रणनीतिक निवेश (Strategic Investment Plans) को मंजूरी दी। इन परियोजनाओं में प्रमुख उद्योग साझेदार (Anchor Industry Partner) के रूप में जिंदल नवीन अवसर लिमिटेड, आर्सेलरमित्तल निप्पॉन स्टील इंडिया, अपोलो मेड-स्किल्स, श्री सिद्धार्थ इन्फ्राटेक एंड सर्विसेज तथा न्यूलैंड फाउंडेशन शामिल हैं।राज्यवार प्रमुख परियोजनाएं :ओडिशा:सरकारी आईटीआई बारबिल को हब तथा आनंदपुर, कोईरा, करंजिया और बरकोट आईटीआई को स्पोक के रूप में विकसित किया जाएगा। एंकर इंडस्ट्री पार्टनर जिंदल नवीन अवसर लिमिटेड होगा, जिसके तहत ₹240.21 करोड़ का निवेश प्रस्तावित है।गुजरात:सरकारी आईटीआई सूरत हब होगा, जबकि हजीरा, बारडोली, सचिन और महिला आईटीआई सूरत स्पोक के रूप में शामिल होंगे। आर्सेलरमित्तल निप्पॉन स्टील इंडिया ₹240.18 करोड़ का निवेश करेगी।तेलंगाना:सरकारी आईटीआई ओल्ड सिटी क्लस्टर में अपोलो मेड-स्किल्स लिमिटेड द्वारा ₹241.01 करोड़ का निवेश किया जाएगा।सरकारी आईटीआई पटानचेरू क्लस्टर में सिद्धार्थ इन्फ्राटेक एंड सर्विसेज (आई) प्रा. लि. ₹275.24 करोड़ का निवेश करेगी।सरकारी आईटीआई संगारेड्डी क्लस्टर में न्यूलैंड फाउंडेशन ₹240.94 करोड़ का निवेश करेगी।इन निवेश योजनाओं के माध्यम से उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप आईटीआई का आधुनिकीकरण, अत्याधुनिक प्रशिक्षण सुविधाओं का विकास तथा युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जाएगा।

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कृति कोरापुट कॉफी और पुरी–कोरापुट एक्सप्रेस: जनजातीय विकास को मिलेगी नई उड़ान

खबर है..भुवनेश्वरकृति कोरापुट कॉफी केवल एक प्रीमियम क्षेत्रीय उत्पाद नहीं, बल्कि जनजातीय उद्यमिता, सतत कृषि और बेहतर संपर्क व्यवस्था का सशक्त उदाहरण बनकर उभरी है। पूर्वी घाट की पहाड़ियों में जनजातीय किसानों द्वारा पर्यावरण-अनुकूल पद्धतियों से उगाई जाने वाली शेड-ग्रोन अरेबिका कॉफी अपने विशिष्ट चॉकलेट और मेवेदार स्वाद के कारण राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना चुकी है।यह पहल हजारों जनजातीय किसानों और महिलाओं के लिए आजीविका का मजबूत माध्यम बनी है। खेती, प्रसंस्करण, पैकेजिंग और विपणन से जुड़कर वे स्थायी आय अर्जित कर रहे हैं, वहीं क्षेत्र की जैव विविधता के संरक्षण में भी योगदान दे रहे हैं।इसी क्रम में पुरी–कोरापुट एक्सप्रेस का शुभारंभ क्षेत्र के विकास को नई गति देने वाला कदम माना जा रहा है। बेहतर रेल संपर्क से कोरापुट का जुड़ाव राज्य के प्रमुख व्यावसायिक केंद्रों से मजबूत होगा, जिससे स्थानीय उत्पादों, विशेषकर कृति कोरापुट कॉफी, को बड़े बाजारों तक पहुंचाने में आसानी होगी। साथ ही पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और जनजातीय समुदायों के लिए नए आर्थिक अवसर सृजित होंगे।विशेषज्ञों का मानना है कि कृति कोरापुट कॉफी और पुरी–कोरापुट एक्सप्रेस, दोनों मिलकर समावेशी विकास के उस मॉडल को मजबूत करेंगे, जिसमें आधुनिक बुनियादी ढांचा स्थानीय उद्यमों को सशक्त बनाते हुए ओडिशा के जनजातीय उत्पादों को राष्ट्रीय और वैश्विक पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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कौशल विकास मंत्रालय ने ‘नवाचार मंत्र’ पंजीकरण की अंतिम तिथि 15 जुलाई तक बढ़ाई

खबर है..नई दिल्लीदेश भर के नवाचारकर्ताओं और उद्यमियों की बढ़ती रुचि को देखते हुए कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय (एमएसडीई) ने अपने प्रमुख राष्ट्रीय इनोवेशन प्लेटफ़ॉर्म ‘नवाचार मंत्र’ के पंजीकरण की अंतिम तिथि बढ़ाकर 15 जुलाई 2026 कर दी है। इस निर्णय से अधिक से अधिक छात्र, स्टार्टअप, पेशेवर और जमीनी स्तर के नवाचारकर्ता अपने व्यावसायिक विचारों को मंच पर प्रस्तुत कर सकेंगे।अब तक नवाचार मंत्र के आधिकारिक पोर्टल पर हजारों प्रतिभागी पंजीकरण करा चुके हैं। मंत्रालय को उम्मीद है कि समय-सीमा बढ़ने से देश के विभिन्न हिस्सों, विशेषकर टियर-2, टियर-3 शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों से और अधिक अभिनव विचार सामने आएंगे।यह पहल राष्ट्रीय उद्यमिता एवं लघु व्यवसाय विकास संस्थान (एनआईईएसबीयूडी) द्वारा संचालित की जा रही है, जबकि आईआईटी दिल्ली का फाउंडेशन फॉर इनोवेशन एंड टेक्नोलॉजी ट्रांसफर (एफआईटीटी) इसका नॉलेज पार्टनर है।नवाचार मंत्र के माध्यम से चयनित प्रतिभागियों को विशेषज्ञों का मार्गदर्शन, मेंटरशिप, इनक्यूबेशन सपोर्ट, उद्योग से जुड़ने के अवसर, निवेशकों तक पहुंच और संस्थागत सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि उनके नवाचारों को सफल एवं टिकाऊ उद्यमों में बदला जा सके।मंत्रालय का कहना है कि यह पहल नवाचार आधारित विकास को बढ़ावा देने, रोजगार सृजित करने वाले उद्यमियों को तैयार करने और भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मंत्रालय ने छात्रों, स्टार्टअप्स, पेशेवरों और आकांक्षी उद्यमियों से 15 जुलाई 2026 तक पंजीकरण कर इस अवसर का लाभ उठाने की अपील की है।

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मोदी राजस्थान और गुजरात में दें गया 1.87 लाख करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं की सौगात

खबर है..नई दिल्ली।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राजस्थान और गुजरात के दौरे पर ऊर्जा, परिवहन, रेलवे, नवीकरणीय ऊर्जा और सेमीकंडक्टर क्षेत्र से जुड़ी 1.87 लाख करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे।राजस्थान में प्रधानमंत्री 79,450 करोड़ रुपये की लागत से विकसित 9 एमएमटीपीए क्षमता वाले रिफाइनरी-सह-पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। साथ ही 13,000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली जयपुर मेट्रो फेज-2 की आधारशिला रखेंगे। वे लगभग 900 करोड़ रुपये की रेल दोहरीकरण परियोजनाओं, 740 करोड़ रुपये की जोधपुर रिंग रोड परियोजना तथा बीकानेर की 1,300 मेगावाट सौर ऊर्जा परियोजनाओं का भी लोकार्पण करेंगे। इसके अलावा, राजस्थान सरकार के विभिन्न विभागों में चयनित 54,000 युवाओं को नियुक्ति पत्र भी सौंपेंगे।गुजरात के साणंद में प्रधानमंत्री 7,500 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश से स्थापित सीजी सेमी ओएसएटी (सेमीकंडक्टर असेंबली एवं टेस्ट) संयंत्र का उद्घाटन करेंगे। यह संयंत्र प्रतिवर्ष 5 अरब सेमीकंडक्टर चिप्स के उत्पादन की क्षमता रखेगा और भारत को वैश्विक सेमीकंडक्टर विनिर्माण केंद्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। इन परियोजनाओं से ऊर्जा सुरक्षा, औद्योगिक विकास, आधुनिक परिवहन, रोजगार सृजन और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के लक्ष्य को नई मजबूती मिलेगी।

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भारतीय रेल के आधुनिकीकरण में आरडीएसओ की अहम भूमिका : रवनीत सिंह

खबर है..लखनऊरेल एवं खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री रवनीत सिंह ने कहा कि भारतीय रेल के आधुनिकीकरण, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता के लक्ष्यों को हासिल करने में अनुसंधान अभिकल्प एवं मानक संगठन (RDSO) की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने अधिकारियों से अनुसंधान, नवाचार और तकनीकी उत्कृष्टता के क्षेत्र में निरंतर कार्य करने का आह्वान करते हुए कहा कि उन्नत अनुसंधान और प्रभावी मानकीकरण भारतीय रेल को विश्वस्तरीय परिवहन प्रणाली बनाने में निर्णायक योगदान देंगे।बुधवार को एक दिवसीय दौरे पर आरडीएसओ पहुंचे राज्य मंत्री ने संगठन की विभिन्न अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं का निरीक्षण किया और भारतीय रेल के अनुसंधान, परीक्षण तथा मानकीकरण कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने सिग्नल प्रयोगशाला, एयर ब्रेक प्रयोगशाला, इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव प्रयोगशाला, नवीन श्रांति परीक्षण प्रयोगशाला तथा आईएमडब्ल्यू प्रयोगशाला का भ्रमण कर वहां संचालित परीक्षणों, अनुसंधान गतिविधियों और तकनीकी नवाचारों की जानकारी प्राप्त की।दौरे के दूसरे चरण में आयोजित समीक्षा बैठक में आरडीएसओ के महानिदेशक प्रभास दानसाना ने आरडीएसओ की प्रमुख उपलब्धियों, वर्तमान अनुसंधान गतिविधियों तथा भारतीय रेल की सुरक्षा, विश्वसनीयता और तकनीकी उन्नयन में संगठन की भूमिका पर विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने आरडीएसओ की कार्यप्रणाली, हाल की उपलब्धियों, विभिन्न परीक्षणों एवं ट्रायल्स, प्रगतिशील परियोजनाओं तथा विक्रेता विकास गतिविधियों की भी जानकारी साझा की।बैठक के अंत में राज्य मंत्री ने आरडीएसओ के अधिकारियों के साथ संवाद कर संगठन की विभिन्न गतिविधियों और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया। उन्होंने कहा कि अनुसंधान आधारित तकनीकी विकास और स्वदेशी नवाचार भारतीय रेल को अधिक सुरक्षित, आधुनिक और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण आधार साबित होंगे।

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जून 2026 में भारतीय रेल की रफ्तार बरकरार

माल ढुलाई में 4% और यात्री यातायात में स्थिर वृद्धि, पहली तिमाही में 419 मिलियन टन से अधिक माल परिवहन खबर है..नई दिल्लीभारतीय रेल ने जून 2026 में माल ढुलाई और यात्री सेवाओं दोनों में उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए देश के आर्थिक विकास में अपनी भूमिका को और मजबूत किया है। जून 2026 में रेलवे ने 142.21 मिलियन टन माल ढुलाई की, जो पिछले वर्ष जून की तुलना में 4 प्रतिशत अधिक है। इससे रेलवे को लगभग 430 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त हुआ।प्रमुख उपलब्धियांजून 2026 में 142.21 मिलियन टन माल ढुलाई।माल परिवहन से राजस्व में 3 प्रतिशत की वृद्धि।वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में 419.08 मिलियन टन माल ढुलाई, जो पिछले वर्ष की समान अवधि से अधिक है।प्रमुख वस्तुओं की ढुलाई में उल्लेखनीय वृद्धिउर्वरक : 19.1%अन्य वस्तुएं : 17.3%लौह अयस्क : 9.4%क्लिंकर : 7.2%बिजली संयंत्रों को कोयला आपूर्ति : 7%घरेलू कोयला : 4.9%कुल कोयला : 3.6%यात्री सेवाओं में भी बढ़ी रफ्तारजून 2026 में भारतीय रेल ने 63.81 करोड़ यात्रियों को यात्रा सुविधा प्रदान की, जो पिछले वर्ष जून के 62.37 करोड़ यात्रियों से अधिक है।गैर-उपनगरीय (लंबी एवं मध्यम दूरी) यात्रियों में 3.9 प्रतिशत वृद्धि।उपनगरीय यात्रियों में 0.9 प्रतिशत वृद्धि।आधुनिक रेल सेवाओं का विस्तारभारतीय रेल ने आधुनिक और आरामदायक यात्रा सुविधाओं का विस्तार जारी रखा है।164 वंदे भारत ट्रेन सेवाएं संचालित।72 अमृत भारत ट्रेन सेवाएं उपलब्ध।हाल ही में हावड़ा–कामाख्या वंदे भारत स्लीपर सेवा शुरू।जून 2026 में चार नई अमृत भारत ट्रेनों का शुभारंभ।आर्थिक विकास को गतिभारतीय रेल ने कहा कि माल ढुलाई, यात्री सेवाओं के विस्तार, क्षमता वृद्धि, परिचालन दक्षता और आधुनिक अवसंरचना के माध्यम से वह देश को सुरक्षित, विश्वसनीय, किफायती और यात्री-अनुकूल परिवहन उपलब्ध कराने के साथ-साथ भारत की अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए प्रतिबद्ध है।

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IRPGIMSR और उत्तर रेलवे केंद्रीय अस्पताल ने रचा इतिहास, राष्ट्रीय सर्जिकल कौशल पाठ्यक्रम की सफल मेजबानी

खबर है..नई दिल्लीउत्तर रेलवे केंद्रीय अस्पताल (NRCH), नई दिल्ली से संबद्ध इंडियन रेलवे पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च (IRPGIMSR) के सर्जरी विभाग ने 126वें FMAS AMASI स्किल कोर्स की सफल मेजबानी कर रेलवे चिकित्सा सेवाओं के इतिहास में नया अध्याय जोड़ा है। यह पहली बार है जब संस्थान ने ‘मिनिमल एक्सेस सर्जरी’ (दूरबीन विधि से सर्जरी) के इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया।कार्यक्रम में देशभर से 277 प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जबकि 80 प्रतिष्ठित फैकल्टी सदस्य, जिनमें देश के अग्रणी लेप्रोस्कोपिक सर्जन और स्त्री रोग विशेषज्ञ शामिल थे, ने प्रतिभागियों को आधुनिक सर्जिकल तकनीकों का प्रशिक्षण दिया।उद्घाटन समारोह में डॉ. प्रो. रुशमा टंडन, निदेशक एवं पीसीएमडी, IRPGIMSR एवं NRCH, नई दिल्ली ने मुख्य अतिथि के रूप में दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने आधुनिक चिकित्सा शिक्षा में कौशल, नवाचार और उत्कृष्टता के महत्व पर जोर दिया।प्रशिक्षण की प्रमुख विशेषताएंउन्नत लेप्रोस्कोपिक तकनीकों का लाइव सर्जिकल प्रदर्शन।सर्जिकल दक्षता बढ़ाने के लिए हैंड्स-ऑन प्रैक्टिकल प्रशिक्षण।देश के विशेषज्ञों द्वारा इंटरएक्टिव अकादमिक सत्र और नवीनतम तकनीकों पर विस्तृत चर्चा।कार्यक्रम को प्रतिभागियों और विशेषज्ञों से अत्यंत सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली। इस सफल आयोजन ने न केवल अनुभवी विशेषज्ञों और युवा सर्जनों के बीच ज्ञान का आदान-प्रदान सुनिश्चित किया, बल्कि IRPGIMSR और NRCH को देश में सर्जिकल शिक्षा, चिकित्सा नवाचार और कौशल विकास के अग्रणी केंद्र के रूप में भी नई पहचान दिलाई।

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दिल्ली की नई ईवी नीति का AIMTC और DCBA ने किया विरोध

मौजूदा वाहनों को वैध आयु तक चलाने की मांग खबर है..नई दिल्लीऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस (AIMTC) और दिल्ली कॉन्ट्रैक्ट बस एसोसिएशन (DCBA) ने दिल्ली सरकार की प्रस्तावित ईवी पॉलिसी 2026 का कड़ा विरोध करते हुए मांग की है कि वर्तमान में चल रहे BS-VI, सीएनजी, डीजल और पेट्रोल वाहनों को उनकी वैधानिक आयु पूरी होने तक परिचालन की अनुमति दी जाए।दोनों संगठनों का कहना है कि सरकार की पूर्व नीतियों के अनुरूप परिवहन ऑपरेटरों ने BS-VI और सीएनजी वाहनों में हजारों करोड़ रुपये का निवेश किया है। ऐसे में उन्हें समय से पहले इलेक्ट्रिक वाहनों से बदलने के लिए बाध्य करना आर्थिक रूप से अनुचित और व्यावहारिक नहीं है।AIMTC के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. हरीश सभरवाल ने कहा कि परिवहन उद्योग को बार-बार नीतिगत बदलावों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पर्याप्त चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और स्पष्ट चार्जिंग नीति के अभाव में अनिवार्य ईवी परिवर्तन लागू करना परिवहन क्षेत्र के लिए गंभीर आर्थिक संकट पैदा कर सकता है।संगठनों ने चेतावनी दी कि यदि मौजूदा BS-VI और सीएनजी वाहनों को समय से पहले हटाने का निर्णय लिया गया, तो हजारों परिवहन ऑपरेटर दिवालियापन की स्थिति में पहुंच सकते हैं, बैंकों के ऋण प्रभावित होंगे, स्कूल एवं सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था बाधित होगी तथा लाखों परिवारों की आजीविका पर असर पड़ेगा।AIMTC और DCBA ने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने की नीति स्वैच्छिक और प्रोत्साहन आधारित होनी चाहिए, न कि अनिवार्य और दंडात्मक। उन्होंने केंद्र और दिल्ली सरकार से किसी भी नई नीति को लागू करने से पहले सभी हितधारकों के साथ व्यापक परामर्श करने की मांग की।ट्रकों से प्रदूषण संबंधी दावों पर भी उठाए सवाल :AIMTC ने हाल में सामने आए उन दावों पर भी आपत्ति जताई, जिनमें दिल्ली में प्रवेश करने वाले भारी ट्रकों को प्रदूषण का प्रमुख स्रोत बताया गया है। संगठन का कहना है कि अध्ययन की कार्यप्रणाली, नमूना आकार और वैज्ञानिक आधार सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।AIMTC के परिवहन विशेषज्ञ सलाहकार एवं दिल्ली सरकार के पूर्व उप-परिवहन आयुक्त अनिल छिकारा ने कहा कि ट्रकिंग उद्योग के खिलाफ लंबे समय से भ्रामक प्रचार किया जा रहा है। उनके अनुसार, प्रदूषण का आकलन केवल वैज्ञानिक रूप से मापे गए टेल पाइप उत्सर्जन के आधार पर ही किया जाना चाहिए।डॉ. हरीश सभरवाल ने कहा कि ट्रकों की आवाजाही नियामकीय प्रतिबंधों के कारण मुख्य रूप से रात और सुबह के समय होती है, इसलिए केवल उसी अवधि के आंकड़ों के आधार पर ट्रकों को प्रदूषण का प्रमुख कारण बताना उचित नहीं है।दोनों संगठनों ने सरकार से परिवहन क्षेत्र से जुड़े निर्णय वैज्ञानिक तथ्यों, व्यापक अध्ययन और सभी संबंधित पक्षों से विचार-विमर्श के बाद ही लेने की अपील की है। साथ ही चेतावनी दी कि यदि परिवहन उद्योग की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो भविष्य में व्यापक आंदोलन और परिचालन प्रभावित होने जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है।

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तीन ज्योतिर्लिंग के साथ करें शिरडी दर्शन

लखनऊ। भारतीय रेल खानपान व पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) लखनऊ कार्यालय ने श्रद्धालुओं की अधिक मांग को देखते हुए एक बार फिर “तीन ज्योतिर्लिंग के साथ शिरडी दर्शन” का हवाई टूर पैकेज लॉन्च किया है। यह पैकेज 05 रात एवं 06 दिन का है। इस टूर पैकेज में श्रद्धालुओं को शिर्डी के साथ-साथ छत्रपति संभाजी नगर (औरंगाबाद) का भ्रमण कराया जाएगा । यह टूर 16 से 21 जुलाई के बीच होगा। यह जानकारी आईआरसीटीसी उत्तर क्षेत्र के मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक अजीत कुमार सिन्हा ने दी। उन्होंने बताया कि इस टूर में यात्रियों को लखनऊ से नासिक जाने एवं नासिक से लखनऊ आने की व्यवस्था फ्लाइट से की गई है। साथ ही खाने – पीने एवं ठहरने की व्यवस्था तीन सितारा होटल में की गयी है। यात्रा के दौरान नासिक के पंचवटी में पांच बरगद के पेड़, सीता गुफा मंदिर और त्रिम्बकेश्वर मंदिर एवं नासिक से भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग मंदिर का दर्शन कराया जायेगा | शिरडी में शिर्डी साई बाबा और शनि शिगनापुर मंदिर के दर्शन के साथ ही छत्रपति संभाजी नगर (औरंगाबाद) में घृष्णेश्वर मंदिर और एल्लोरा की गुफाओं आदि का भी भ्रमण कराया जायेगा |श्री सिन्हा ने बताया कि इस टूर पैकेज में रू. 57,000/-, एक व्यक्ति के ठहरने पर पैकेज का मूल्य प्रति व्यक्ति,रू. 46,500/- दो व्यक्तियों के एक साथ ठहरने पर पैकेज का मूल्य प्रति व्यक्ति रू. 45,400/- तीन व्यक्तियो के एक साथ ठहरने पर पैकेज का मूल्य प्रति व्यक्ति रू. 40,500 /- माता-पिता के साथ ठहरने पर प्रति बच्चे का पैकेज मूल्य बेड सहित एवं मूल्य रू. 37,600 /- बिना बेड के होगा। उन्होंने बताया कि इस पैकेज की बुकिंग ‘पहले आओ -पहले पाओ’ के आधार पर की जायेगी। उक्त यात्रा की बुकिंग पर्यटन भवन गोमती नगर लखनऊ स्थित आईआरसीटीसी कार्यालय एवं आईआरसीटीसी की बेवसाइट irctctourism.com पर ऑनलाइन भी कराई जा सकती है। जानकारी और बुकिंग के लिए श्रद्धालु मोबाइल नम्बरों 8287930911/ 9236391909 / 8287930912 /8287930902 पर सम्पर्क कर सकते है ।

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ऑस्ट्रेलिया में टीम इंडिया का शानदार प्रदर्शन, ग्लोबल स्किल्स चैलेंज 2026 में 3 स्वर्ण समेत 5 पदक जीते

खबर है..नई दिल्लीटीम इंडिया ने ग्लोबल स्किल्स चैलेंज ऑस्ट्रेलिया 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए 3 स्वर्ण, 1 रजत और 1 कांस्य सहित कुल 5 पदक अपने नाम किए। 23 से 29 जून तक आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भारत सहित कई देशों के लगभग 600 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। भारतीय टीम का यह प्रदर्शन इस वर्ष के अंत में शंघाई में आयोजित होने वाली 48वीं वर्ल्डस्किल्स प्रतियोगिता के लिए मजबूत तैयारी का संकेत माना जा रहा है।पदक विजेता भारतीय प्रतिभागीपवन भद्रावती सुरेश (कर्नाटक) – एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग में स्वर्ण पदकमौसम कुमार गिरि (बिहार) – क्लाउड कंप्यूटिंग में स्वर्ण पदकविष्णुप्रिया सुनील (दिल्ली) – हेल्थ एंड सोशल केयर में स्वर्ण पदकहर्ष रमेश पवार (महाराष्ट्र) – 3डी डिजिटल गेम आर्ट में रजत पदकमुस्कान (हरियाणा) – पेंटिंग एंड डेकोरेटिंग में कांस्य पदकभारतीय प्रतियोगियों ने अन्य कई कौशल श्रेणियों में भी सराहनीय प्रदर्शन किया और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा का महत्वपूर्ण अनुभव हासिल किया।केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने टीम इंडिया को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि देश के कौशल चैंपियनों, विशेषज्ञों और उद्योग भागीदारों की मेहनत का परिणाम है। उन्होंने कहा कि इस सफलता से शंघाई में होने वाली 48वीं वर्ल्डस्किल्स प्रतियोगिता के लिए भारत की तैयारियों को नई मजबूती मिली है।भारतीय दल ने 15 कौशल श्रेणियों में 15 प्रतियोगियों और 15 विशेषज्ञों के साथ देश का प्रतिनिधित्व किया। प्रतियोगिता का आयोजन वर्ल्डस्किल्स के मानकों के अनुरूप किया गया, जिससे भारतीय प्रतिभागियों को अंतरराष्ट्रीय मूल्यांकन प्रणाली, आधुनिक उपकरणों और वैश्विक प्रतिस्पर्धा का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हुआ।यह सफलता स्किल इंडिया मिशन की बढ़ती वैश्विक पहचान का प्रमाण है और दर्शाती है कि भारतीय युवा उन्नत विनिर्माण, डिजिटल तकनीक, रचनात्मक उद्योगों और सेवा क्षेत्र में विश्व स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं।

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