रेलमंत्री ने व्यस्त रेलवे स्टेशनों के लिए मास्टर प्लान की समीक्षा की

निर्माण कार्यों के दौरान यात्रियों को कोई असुविधा ना हो : अश्विनी वैष्णव

पुनर्विकास में अतिरिक्त प्लेटफॉर्म, ज़्यादा एंट्री पॉइंट, चौड़े फुट ओवर ब्रिज और बेहतर संपर्क की योजना

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नई दिल्ली
रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने आज रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक में बोरीवली, अंबाला और मंगलुरु जैसे व्यस्त रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास के लिए मास्टर प्लान की समीक्षा की। समीक्षा बैठक के दौरान रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू भी मौजूद थे।
रेल मंत्री ने इस बात पर ज़ोर दिया कि पुनर्विकास का काम यात्रियों को कम से कम असुविधा पहुँचाए और ट्रेनों के संचालन में बिना किसी रुकावट के किया जाए। उन्होंने स्टेशन के रोज़मर्रा के कामकाज को सुचारू रूप से चलाते हुए भविष्य के लिए तैयार रेलवे प्रणाली तैयार करने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया।

इस बैठक का मकसद मौजूदा भीड़-भाड़ की समस्या को हल करना और भविष्य की ज़रूरतों के हिसाब से क्षमता बढ़ाना था। चर्चा में यात्रियों की सुविधा बढ़ाने पर ध्यान दिया गया, जिसके लिए अतिरिक्त प्लेटफॉर्म, चौड़े फुट ओवर ब्रिज (एफओबी), प्लेटफॉर्म के बीच बेहतर आवाजाही, स्टेशन में आने-जाने के अतिरिक्त रास्ते, बेहतर सर्कुलेशन एरिया, बेहतर मल्टीमॉडल एकीकरण और यात्रियों की आसान आवाजाही जैसे उपाय शामिल थे।
बोरीवली-कांदिवली पुर्नविकास :
बोरीवली स्टेशन पर क्षमता बढ़ाने, यात्रियों की आवाजाही को बेहतर करने और भीड़ कम करने के लिए, एक बड़े मास्टर प्लान के तहत कांदिवली स्टेशन को भी साथ-साथ विकसित करने का फ़ैसला किया गया है। कांदिवली स्टेशन, बोरीवली स्टेशन से लगभग 2 किलोमीटर दूर है। रेलवे के पास काफ़ी ज़मीन उपलब्ध होने के कारण, कांदिवली स्टेशन भविष्य में ट्रेनों के संचालन और यात्रियों की बढ़ती संख्या को संभालने में मदद करेगा। इससे बोरीवली स्टेशन पर भीड़ कम होगी और ऑपरेशन की क्षमता, यात्रियों की सुविधा और पहुँच बेहतर होगी। बोरीवली और कांदिवली के एकीकृत विकास से पूर्वी-दक्षिणी संपर्क मज़बूत होने, इंटरचेंज की क्षमता बेहतर होने, मेट्रो और सड़क नेटवर्क के साथ बेहतर तालमेल बनने और लंबे समय तक विकास में मदद करने वाली एक आसान मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट व्यवस्था बनने की उम्मीद है। इस योजना में रेलवे की ज़मीन का सही इस्तेमाल करने के लिए बहु स्तरीय पार्किंग, पिक-अप और ड्रॉप-ऑफ़ के लिए खास ज़ोन, बेहतर सड़क संपर्क और पारगमन आधारित विकास भी शामिल है।

अंबाला का पुनर्विकास :
बैठक में अंबाला कैंट स्टेशन की पुर्नविकास योजना की भी समीक्षा की गई। भविष्य में यात्रियों की बढ़ती संख्या और अतिरिक्त ट्रेन सेवाओं को संभालने के लिए, पुर्नविकास योजना में दो नए पूरे लंबाई के प्लेटफ़ॉर्म और 12 मीटर चौड़े नए फ़ुट ओवर ब्रिज के निर्माण का प्रस्ताव है। इस प्रस्तावित पुर्नविकास का मकसद स्टेशन तक पहुँच को आसान बनाना, यात्रियों के आने-जाने की जगह को बेहतर करना, संपर्क में सुधार, स्टेशन पर आधुनिक सुविधाएँ देना और भविष्य में यात्रियों की बढ़ती संख्या को संभालने के लिए बेहतर व्यवस्था तैयार करना है।
मंगलुरु का पुनर्विकास :
इस समीक्षा में मंगलुरु सेंट्रल स्टेशन की पुर्नविकास योजना पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि बोरीवली, अंबाला और मंगलुरु में पुर्नविकास की कोशिशों से यात्रियों के अनुभव, परिचालन क्षमता और ढ़ांचागत क्षमता में काफ़ी सुधार होगा। अब इन प्रस्तावों पर आगे की विस्तृत जाँच और हितधारकों के साथ बातचीत की जाएगी, जिसके बाद की योजना और उसे लागू करने के अगले चरण पर काम किया जाएगा।

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