दिल्ली-एनसीआर में बीएस-IV डीज़ल वाणिज्यिक वाहनों को वैध आयु पूरी होने तक चले : एआईएमटीसी

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नई दिल्ली
देश के सड़क परिवहन क्षेत्र के सर्वोच्च संगठन ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस (एआईएमटीसी) ने दिल्ली-एनसीआर में बीएस-IV डीज़ल वाणिज्यिक वाहनों को चरणबद्ध तरीके से हटाने तथा 1 नवंबर 2026 से दिल्ली में उनके प्रवेश पर प्रस्तावित प्रतिबंध को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है।
एआईएमटीसी ने कहा कि प्रस्तावित प्रतिबंधों से हजारों ट्रांसपोर्ट ऑपरेटरों, फ्लीट मालिकों, वाहन चालकों और छोटे उद्यमियों की आजीविका प्रभावित होगी, क्योंकि उनकी निर्भरता बीएस-IV वाहनों पर है। संगठन का कहना है कि ये वाहन उस समय लागू सरकारी नीतियों, कानूनों और न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप वैध रूप से खरीदे और पंजीकृत किए गए थे।
एआईएमटीसी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. हरीश सभरवाल ने कहा,“बीएस-IV वाणिज्यिक वाहनों पर प्रस्तावित प्रतिबंध अनुचित, मनमाना और हजारों ट्रांसपोर्ट ऑपरेटरों के लिए आर्थिक रूप से विनाशकारी साबित होगा। परिवहन व्यवसायियों ने इन वाहनों में करोड़ों रुपये का निवेश इस भरोसे के साथ किया था कि उन्हें निर्धारित आयु तक संचालन की अनुमति मिलेगी। ऐसे वाहनों को समय से पहले सड़कों से हटाना कानून का पालन करने वालों को दंडित करने जैसा है।”
सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का हवाला
एआईएमटीसी ने 17 दिसंबर 2025 को एम.सी. मेहता बनाम भारत सरकार एवं अन्य मामला में आए माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का उल्लेख करते हुए कहा कि बीएस-IV और उससे उच्च उत्सर्जन मानकों वाले वाहनों के मालिकों के विरुद्ध केवल वाहन की आयु के आधार पर कठोर कार्रवाई न करने की बात कही गई थी। संगठन का तर्क है कि इससे स्पष्ट होता है कि बीएस-IV वाहनों को उनकी वैध आयु पूरी करने तक संचालन की अनुमति मिलनी चाहिए।
डॉ. सभरवाल ने कहा कि बीएस-IV वाहनों की तुलना बीएस-I, बीएस-II और बीएस-III वाहनों से नहीं की जा सकती, क्योंकि इनमें उन्नत प्रदूषण नियंत्रण तकनीक और आधुनिक एग्जॉस्ट सिस्टम लगे हैं। वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUCC) के साथ ये वाहन निर्धारित उत्सर्जन मानकों का पालन करते हैं।
एआईएमटीसी ने चेतावनी दी कि अचानक प्रतिबंध से परिवहन क्षेत्र, सप्लाई चेन और लॉजिस्टिक्स लागत पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। आवश्यक वस्तुओं, खाद्यान्न, दवाइयों, औद्योगिक सामान और निर्माण सामग्री की आपूर्ति प्रभावित होने से इसका असर आम जनता तक पहुंच सकता है।
एआईएमटीसी की प्रमुख मांगें
बीएस-IV वाणिज्यिक वाहनों को फिटनेस मानकों और वैध PUCC के आधार पर निर्धारित आयु पूरी होने तक संचालन की अनुमति दी जाए।
वैध रूप से खरीदे और पंजीकृत वाहनों को समय से पहले अनुपयोगी घोषित न किया जाए।
1 नवंबर 2026 से दिल्ली-एनसीआर में बीएस-IV वाहनों के प्रवेश एवं संचालन पर प्रस्तावित प्रतिबंध वापस लिया जाए। बीएस-VI और इलेक्ट्रिक वाहनों में परिवर्तन के लिए सरकार कम से कम 50% प्रोत्साहन (इंसेंटिव) प्रदान करे।
एआईएमटीसी ने कहा कि स्वच्छ पर्यावरण महत्वपूर्ण राष्ट्रीय लक्ष्य है, लेकिन पर्यावरणीय नीतियों को व्यावहारिक, न्यायसंगत और सामाजिक रूप से संतुलित तरीके से लागू किया जाना चाहिए। संगठन ने स्पष्ट किया कि कानून का पालन करने वाले ट्रांसपोर्ट ऑपरेटरों की आर्थिक स्थिरता और आजीविका की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए।

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