श्रमिकों के हितों के लिए हिंद मजदूर सभा का विस्तार जरूरी : शिव गोपाल

खबर है..लखनऊ ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन, नॉर्दर्न रेलवे मेंस यूनियन के महामंत्री और हिंद मजदूर सभा के प्रदेश अध्यक्ष शिव गोपाल मिश्र ने कहा कि अगले एक महीने में प्रदेश के सभी जनपदों और मंडलों में समितियों के गठन का कार्य पूरा करें। श्रमिकों के हितों के लिए संगठन का विस्तार जरूरी है, इसके लिए सबको एकजुट होना पड़ेगा।श्री मिश्र शनिवार को चारबाग स्थित नॉर्दर्न रेलवे मेंस यूनियन मंडल कार्यालय में आयोजित हिंद मजदूर सभा उत्तर प्रदेश की राज्य कार्यकारिणी की बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने प्रदेश में संगठन और कार्यालय के संचालन के लिए सभी यूनियनों और रेलवे यूनियनों की शाखाओं से प्रतिमाह/ वार्षिक अंशदान कर संगठन को आर्थिक और संगठनात्मक रूप से मजबूत करने का आह्वान किया। बैठक में महामंत्री उमाशंकर मिश्र ने प्रदेश संगठन की स्थिति, पिछली कार्यकारिणी बैठक में लिये गये निर्णयों के क्रियान्वयन की प्रगति, केन्द्रीय श्रम संगठनों के आह्वान पर 12 फरवरी की हड़ताल में हिंद मजदूर सभा की भागीदारी, और कार्ययोजना पर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की। इसके पूर्व कार्यवाहक महामंत्री एलएन पाठक ने पिछली बैठक की कार्यवाही पढ़कर सुनाई जिसे सर्व सम्मति से पारित किया गया।प्रदेश उपाध्यक्ष आरके पांडेय और राजाराम यादव ने रायबरेली में जनपद इकाई के गठन के संबंध में की गई बैठक की जानकारी दी। उपाध्यक्ष वसंत चतुर्वेदी ने एनई रेलवे, संगठन मंत्री विद्याकांत तिवारी ने प्रदेश की चीनी मिलों और कार्यकारिणी सदस्य राम शंकर मिश्रा बिजली उद्योग, कार्यकारिणी सदस्य अरविंद सिंह राठौर और क्षेत्रीय मंत्री गाजियाबाद एसबी सराेज ने निर्माण और असंगठित क्षेत्र के कामगारो के बीच यूनियनो की स्थिति और समस्याओं पर प्रकाश डाला। बैठक को प्रांतीय मंत्री अविनाश पांडेय और अरुण गोपाल मिश्रा, श्रीमती प्रवीण सिंह, संगठन मंत्री पीयूष मिश्रा और एसयू शाह, कोषाध्यक्ष रविंद्र प्रताप सिंह, के अतिरिक्त कार्यकारिणी सदस्य एवं मंडल मंत्री विभूति मिश्रा, एनबी सिंह, आरएन गर्ग, शैलेन्द्र सिंह, कार्यकारिणी सदस्य जितेंद्र कुमार तिवारी, जय बर्धन राय, रितेश कुमार झा, रेलवे एक्ट अप्रेन्टिस के नेता आशीष मिश्रा ने भी अपने विचार और सुझाव रखे।हिंद मजदूर सभा उत्तर प्रदेश के मंत्री अविनाश पांडेय ने बताया कि हिन्द मज़दूर सभा, उत्तर प्रदेश की राज्य कार्यकारिणी समिति की बैठक की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष शिव गोपाल मिश्र ने की । बैठक में देश- प्रदेश की मौजूदा श्रम स्थिति, देश के पुराने श्रम कानूनों को समाप्त कर लागू किये गये चार श्रम संहिताओं, उनकी प्रस्तावित नियमावली के चलते मेहनतश और मजदूर संगठनों के समक्ष संभावित चुनौतियां, और उनसे निपटने के लिये रणनीति बनाने की जरूरतों पर विस्तार से चर्चा की गई।

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शरारती तत्वों पर निगरानी और चोरी रोकने में मदद मिलेगी सीसीटीवी कैमरों से

खबर है..नई दिल्ली भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुरक्षा और संरक्षा बढ़ाने के उद्देश्य से डिब्बों और इंजनों में सीसीटीवी कैमरे लगाने का काम आरंभ कर दिया है। सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था से शरारती तत्वों की गतिविधियों, तोड़फोड़ और चोरी रोकने में मदद मिलेगी। साथ ही इन घटनाओं की जांच में भी सहायता मिलेगी। इसी अनुसार जोनल रेलवे और उत्पादन इकाइयों ने डिब्बों और इंजनों में सीसीटीवी कैमरे खरीदने और लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।अब तक भारतीय रेलवे नेटवर्क पर चलने वाले लगभग 12,300 कोच (वंदे भारत और अमृत भारत ट्रेनों के सभी परिचालन रेक सहित) और 460 लोकोमोटिव में सीसीटीवी कैमरे लगा दिए गए हैं। हाल ही में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने एक बयान कहा कि भारतीय रेल परिचालन में यात्री सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। पिछले कुछ वर्षों में उठाए गए विभिन्न सुरक्षा उपायों से रेल दुर्घटनाओं में काफी कमी आई है। जानकारी के अनुसार रेल मंत्रालय ने सुरक्षा संबंधी गतिविधियों पर वर्ष 2013-14 में 39,200 करोड रुपए खर्च किए गए थे जबकि वर्ष 2025-26 में 1,17,693 करोड रुपए खर्च किए जाने का प्रावधान है।

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एआई इम्पैक्ट समिट में मानव-केंद्रित एआई पर चर्चा

खबर है..नई दिल्लीइंडिया एआई इंपैक्ट समिट में कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय ने “मानव-केंद्रित एआई” विषय पर एक विशेष सत्र आयोजित किया, जिसमें एआई आधारित कौशल विकास और भविष्य के कार्यबल पर चर्चा हुई।मुख्य वक्ता भास्कर चक्रवर्ती ने कहा कि एआई नेतृत्व केवल तकनीक नहीं, बल्कि विश्वास और प्रतिभा पर भी निर्भर करेगा। पैनल में अरुण कुमार पिल्लई समेत विशेषज्ञों ने बताया कि एआई प्रशिक्षण प्रणाली को अधिक प्रभावी और रोजगारोन्मुख बना रहा है।कौशल विकास सचिव देबाश्री मुखर्जी ने कहा कि एआई कौशल विकास को राष्ट्रीय प्राथमिकताओं से जोड़ना जरूरी है। विशेषज्ञों ने सरकार, उद्योग और शिक्षा जगत के सहयोग से मानव-केंद्रित एआई विकास पर जोर दिया।

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होली स्पेशल ट्रेनों से मुसाफिरों की राह होगी आसान

खबर है..लखनऊरंगों के पर्व होली पर नियमित ट्रेनों में आरक्षण फुल होने के बाद मुसाफिरों को राहत पहुंचाने के लिए रेलवे ने पुलिस स्पेशल ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है। इन ट्रेनों के संचालन से मुसाफिरों की राह आसान होगी। फिरोजपुर कैंट-दानापुर और योग नगरी ऋषिकेश-कोलकाता के बीच होली स्पेशल ट्रेन का संचालन किया जाएगा।रेलवे प्रवक्ता ने बताया कि 04616/4617 फिरोजपुर कैंट-दानापुर-फिरोजपुर कैंट होली स्पेशल फिरोजपुर कैंट से 12 बजे 26 फरवरी और 02 मार्च को चलेगी। वापसी में यह दानापुर से 06.17 बजे 27 फरवरी व 03 और 07 मार्च को चलेगी। यह ट्रेन एसी स्पेशल है।04312/04311 योग नगरी ऋषिकेश-कोलकाता- योग नगरी ऋषिकेश होली स्पेशल ऋषिकेश से 22.20 बजे 26 फरवरी और 02 मार्च को चलेगी। वापसी में यह कोलकाता से 13.55 बजे 28 फरवरी और 04 मार्च को चलेगी। इसमें जनरल, स्लीपर, एसी थर्ड और एसी टू की बोगियां लगाई जाएंगी।इसी क्रम में बडोदरा से गोरखपुर और मऊ के लिए होली स्पेशल ट्रेन का संचालन किया जाएगा।09111/09112 वडोदरा-गोरखपुर-वडोदरा साप्ताहिक होली स्पेशल ट्रेन का संचालन वडोदरा से 23 फरवरी, 02, 09, 16 एवं 23 मार्च को प्रत्येक सोमवार किया जाएगा। वापसी में गोरखपुर से 25 फरवरी, 04, 11, 18 एवं 25 मार्च प्रत्येक बुधवार को चलेगी। वडोदरा से 19.00 बजे चलेगी। वापसी यात्रा में गोरखपुर से 05.00 बजे चलेगी।09195/09196 वडोदरा-मऊ-वडोदरा साप्ताहिक होली स्पेशल ट्रेन का संचालन वडोदरा से 21 एवं 28 फरवरी और 07, 14, 21 एवं 28 मार्च को प्रत्येक शनिवार को किया जाएगा। वापसी में यह मऊ से 22 फरवरी, 01, 08, 15, 22 एवं 29 मार्च को प्रत्येक रविावार को चलेगी। वडोदरा से 19.00 बजे चलेगी। वापसी यात्रा में मऊ से 23.15 बजे चलेगी। दोनों ट्रेनें लखनऊ होकर चलेंगी। इनमें जनरल, स्लीपर, थर्ड और सेकेंड एसी के कोच लगाए जाएंगे।

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लखनऊ से हनुमानगढ़ के लिए नई बस सेवा शुरू

खबर है..लखनऊ उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम प्रबंधतंत्र ने शुक्रवार को लखनऊ से चित्रकूट (हनुमानगढ़) के लिए नई बस सेवा शुरू की। प्रदेश के प्राविधिक शिक्षा एवं उपभोक्ता मामले मंत्री आशीष पटेल एवं परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने 1। मॉल एवेन्यू रोड लखनऊ से नई रोडवेज बस सेवा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह बस सेवा जनपद चित्रकूट को प्रदेश की राजधानी लखनऊ से जोड़ेगी।इस अवसर पर आशीष पटेल ने कहा कि चित्रकूट के लोगों को इस बस सेवा के प्रारंभ होने से बहुत लाभ होगा। क्षेत्र के लोगों की सुगम आवागमन आवश्यकता को देखते हुए प्रदेश सरकार से इसकी मांग की गई थी। उन्होंने इस बस सेवा के लिए परिवहन मंत्री का आभार व्यक्त किया। यह बस लखनऊ से रायबरेली, ऊंचाहार, सिराथू एवं महाकवि तुलसीदास की जन्मस्थली राजापुर से होते हुए हनुमानगंज तक जाएगी। यह बस सेवा मध्य प्रदेश की सीमा के करीब लगभग 3 किलोमीटर पहले तक संचालित की जा रही है। अब चित्रकूट के ग्रामीण क्षेत्रों से भी लोग प्रदेश की राजधानी लखनऊ बिना किसी परेशानी के आवागमन कर सकेंगे।परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने इस अवसर पर मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आज लखनऊ से नई बस सेवा का प्रारंभ की जा रही है। यह बस प्रतिदिन लखनऊ से चलकर विभिन्न जगहों पर रूकते हुए हनुमानगंज तक जाएगी। उन्होंने बताया कि लगभग 1540 नई रूटो का चिन्हांकन किया गया है। जल्द ही सभी रूटों पर बसों को चलाने की तैयारी विभाग कर रहा है। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार प्रदेश के सभी गांवो को आवश्यक परिवहन सेवा से जल्द ही जोड़ दिया जाएगा।क्षेत्रीय प्रबंधक लखनऊ और जनसंपर्क अधिकारी अमर सहाय ने बताया कि लखनऊ से यह बस आलमबाग से सुबह 08ः30 बजे रवाना होगी और हनुमानगंज दोपहर 02ः15 पर पहुंचेगी। यह बस रायबरेली 10ः30 बजे, उंचाहार 11ः30 बजे, सिराथू 12ः15 बजे और राजापुर 13ः15 बजे पहुंचेगी । इसी प्रकार हनुमानगंज से 15ः30 बजे चलकर आलमबाग रात्रि 21ः15 पर पहुंचेगी। लौटते समय यह बस राजापुर 16ः30 बजे, सिराथू 17ः30 बजे, उचांहार 18ः15 बजे और रायबरेली 19ः15 बजे पहुंचेगी। उन्होेंने बताया कि लखनऊ से हनुमानगंज तक लगभग 234 किमी की दूरी यह बस तय करेगी। लखनऊ से हनुमानगढ़ का किराया 335 निर्धारित किया गया है। कार्यक्रम में परिवहन विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।

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तिरुपति में कचरे से संसाधन बनाने की अनोखी पहल

खबर है..नई दिल्ली स्वच्छ भारत मिशन–शहरी 2.0 के अंतर्गत **तिरुपति नगर निगम ने कचरा प्रबंधन को सर्कुलर अर्थव्यवस्था से जोड़ते हुए एक अनुकरणीय मॉडल विकसित किया है। इस पहल के तहत फेंकी जाने वाली वस्तुओं को उपयोगी उत्पादों में बदलकर पर्यावरण संरक्षण के साथ आजीविका को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।शहर में विशेष रूप से तैयार किए गए अपसाइक्लिंग ड्रॉप बॉक्स लगाए गए हैं, जहां नागरिक पुरानी किताबें, कपड़े और जूते अलग-अलग सेक्शन में जमा कर सकते हैं। इन वस्तुओं को नियमित रूप से आरआरआर (रिड्यूस-रीयूज-रीसायकल) केंद्रों तक पहुंचाया जाता है, जहां उपयोग योग्य और अनुपयोगी सामग्री को अलग किया जाता है।अच्छी स्थिति वाले कपड़े और जूते जरूरतमंद लोगों, वृद्धाश्रमों और अनाथालयों को वितरित किए जाते हैं, जबकि पुरानी किताबों से नगर निगम स्कूलों में पुस्तकालय विकसित किए जा रहे हैं। वहीं अनुपयोगी कपड़ों को स्वयं सहायता समूहों को दिया जाता है, जो उन्हें डोरमैट, फुटमैट और कपड़े के थैलों जैसे पर्यावरण-अनुकूल उत्पादों में बदलते हैं। इन उत्पादों की बाजार में बिक्री से महिलाओं की आय बढ़ रही है।इस पहल के तहत अब तक हजारों उपयोगी वस्तुओं का पुनः उपयोग किया जा चुका है और बड़ी मात्रा में कचरे को लैंडफिल में जाने से रोका गया है। तिरुपति का यह मॉडल दिखाता है कि सही सोच और जनभागीदारी से कचरे को संसाधन में बदला जा सकता है और स्वच्छ शहर का सपना साकार किया जा सकता है।

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राष्ट्रीय राजमार्ग टोल प्लाजा पर नकद भुगतान एक अप्रैल से बंद !

र्टोल प्लाजा पर टोल भुगतान केवल फास्टैग या यूपीआई खबर है..नई दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग टोल प्रणाली को पूरी तरह से डिजिटल बनाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) एक अप्रैल, 2026 से देश भर के राष्ट्रीय राजमार्ग टोल प्लाजा पर नकद लेनदेन को पूरी तरह बंद करने पर विचार कर रहा है। इस कार्यान्वयन के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग टोल प्लाजा पर सभी टोल भुगतान केवल फास्टैग या एकीकृत भुगतान इंटरफेस (यूपीआई) का उपयोग करके डिजिटल माध्यमों से ही किए जाएंगे।प्रस्तावित उपाय का उद्देश्य इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह में हासिल की गई प्रगति को सुदृढ़ करना और राष्ट्रीय राजमार्ग टोल प्लाजा के संचालन की दक्षता और विश्वसनीयता को बढ़ाना है। यह परिवर्तन लेन की कार्यक्षमता में सुधार करके टोल प्लाजा पर भीड़भाड़ को कम करके और टोल लेनदेन में अधिक स्थिरता और पारदर्शिता लाकर राष्ट्रीय राजमार्ग उपयोगकर्ताओं के लिए ‘आवागमन को सुगम’ बनाने में मदद करेगा‌ : पिछले कुछ वर्षों में 98 प्रतिशत से अधिक फास्टैग के उपयोग ने देश में टोल वसूली के तरीकों में महत्वपूर्ण बदलाव ला दिया है। वर्तमान में, टोल लेनदेन का एक बड़ा हिस्सा वाहनों में लगे आरएफआईडी-सक्षम फास्टैग के माध्यम से इलेक्ट्रॉनिक रूप से संसाधित किया जाता है, जिससे टोल प्लाजा पर निर्बाध और संपर्क रहित आवागमन संभव हो पाता है। इसके अलावा, राष्ट्रीय राजमार्ग टोल प्लाजा पर यूपीआई भुगतान सुविधा भी शुरू कर दी गई है जिससे देशभर में राष्ट्रीय राजमार्ग यात्रियों के लिए त्वरित और सुलभ डिजिटल भुगतान विकल्प उपलब्ध हो गए हैं।राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क नियमों के अनुसार वैध और चालू फास्टैग के बिना टोल प्लाजा में प्रवेश करने वाले वाहनों से नकद भुगतान करने पर लागू उपयोगकर्ता शुल्क का दुगुना शुल्क लिया जाता है। वहीं, यूपीआई के माध्यम से भुगतान करने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग उपयोगकर्ताओं से लागू वाहन श्रेणी के लिए केवल 1.25 गुना उपयोगकर्ता शुल्क लिया जाता है। इन पहलों ने सामूहिक रूप से नकद लेनदेन पर निर्भरता कम करने और टोल प्रणाली को डिजिटल बनाने के उद्देश्य को आगे बढ़ाया है।प्लाज़ा स्तर पर किए गए आकलन से पता चलता है कि नकद भुगतान से भीड़भाड़ बढ़ती है, व्यस्त यातायात समय में प्रतीक्षा अवधि बढ़ जाती है और लेन-देन संबंधी विवाद उत्पन्न होते हैं। केवल डिजिटल भुगतान प्रणाली पर पूर्णतः परिवर्तन से परिचालन दक्षता में वृद्धि होगी, यातायात प्रबंधन में सुधार होगा, विलंब कम होगा और देश भर के विभिन्न राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे पर स्थित 1,150 से अधिक टोल प्लाजाओं पर राष्ट्रीय राजमार्ग उपयोगकर्ताओं का समग्र अनुभव बेहतर होगा।

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प्रधानमंत्री 22 फरवरी को करेंगे मेरठ का दौरा

खबर है..नई दिल्लीप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 22 फरवरी शनिवार को उत्तर प्रदेश के मेरठ का दौरा करेंगे। प्रधानमंत्री दोपहर 12.30 बजे शताब्दी नगर नमो भारत स्टेशन पर मेरठ मेट्रो और नमो भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। यहां से वे मेरठ साउथ स्टेशन तक मेट्रो का सफर करेंगे। दोपहर लगभग 1 बजे, प्रधानमंत्री मेरठ में लगभग 12,930 करोड़ रुपए की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे और उन्हें राष्ट्र को समर्पित करेंगे। वे इस अवसर पर सभा को संबोधित भी करेंगे।प्रधानमंत्री 82 किलोमीटर लंबे दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। वे भारत की पहली नमो भारत रीजनल रैपिड ट्रांसिट सिस्टम (आरआरटीएस) के शेष खंडों का भी उद्घाटन करेंगे। इनमें दिल्ली में सराय काले खान और न्यू अशोक नगर के बीच का 5 किलोमीटर का खंड और उत्तर प्रदेश में मेरठ साउथ और मोदीपुरम के बीच का 21 किलोमीटर का खंड शामिल है।180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार के साथ, नमो भारत भारत की पहली क्षेत्रीय तीव्र पारगमन प्रणाली है। नमो भारत से साहिबाबाद, गाजियाबाद, मोदीनगर और मेरठ जैसे प्रमुख शहरी केंद्र दिल्ली से अधिक तेजी से जुड़ पाएगें। कॉरिडोर का शुरुआती स्टेशन सराय काले खान, इस उद्घाटन के साथ शुरू होने वाले चार नमो भारत स्टेशनों में से एक है। यह रणनीतिक रूप से एक प्रमुख मल्टी-मॉडल हब के रूप में स्थित है, जो हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन, दिल्ली मेट्रो की पिंक लाइन, वीर हकीकत राय आईएसबीटी और रिंग रोड को सरलता से जोड़ता है। शुरू होने वाले अन्य तीन नमो भारत स्टेशन शताब्दी नगर, बेगमपुल और मोदीपुरम मेरठ में हैं।प्रधानमंत्री मेरठ दक्षिण और मोदीपुरम के बीच मेरठ मेट्रो सेवा का भी उद्घाटन करेंगे, जो नमो भारत के ही बुनियादी ढांचे पर संचालित होगी। यह देश में अपनी तरह की पहली पहल है। मेरठ मेट्रो भारत की सबसे तेज मेट्रो प्रणाली होगी, जिसकी अधिकतम परिचालन गति लगभग 120 किमी प्रति घंटा होगी।

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चलती ट्रेनों में अवैध वेंडरों पर कसेगा शिकंजा

एडीजी रेलवे और आईआरसीटीसी सीआरएम के बीच खानपान सुधार को लेकर हुई महत्वपूर्ण बैठक खबर है..लखनऊ चलती ट्रेनों में मुसाफिरों को बेहतर खानपान सेवा मिले तथा अवैध वेंडरों पर अंकुश लगाने के लिए बृहस्पतिवार को एडीजी प्रकाश डी और आईआरसीटीसी उत्तर क्षेत्र के मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक अजीत कुमार सिन्हा के साथ महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में खानपान सेवाओं को सुचारू प्रबंधन में जीआरपी के सहयोग की चर्चा के साथ-साथ अवैध वेंडरों पर शिकंजा कसने की रणनीति बनी। साथ ही यात्रियों को बेहतर सेवा और कैटरिंग स्टाफ की सुरक्षा पर विस्तार से चर्चा हुई। जिन रूटों पर खानपान को लेकर दिक्कत है, वहां पर संयुक्त अभियान चलने पर सहमति बनी है।आईआरसीटीसी उत्तर क्षेत्र के मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक (सीआरएम) अजीत कुमार सिन्हा ने बताया कि कुछ मामलों को लेकर खानपान की सेवाओं को प्रदान करने वाली टीम को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। जैसे डिब्बों में अत्यधिक भीड़, खानपान का सामान को रखने की कम जगह होना, मुसाफिरों की अत्यधिक मांग का दबाव तथा कुछ क्षेत्रों में अवैध वेंडर्स द्वारा मानक के विपरीत खाद्य पदार्थों को बिक्री करना आदि। इन सब से सेवा प्रदाता टीम को खानपान की सुचारू सुविधा देने में व्यवधान होता है, इसके लिए जीआरपी टीम की सहयोग की अपेक्षा की गई है।गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों से करीब 150 मेल-एक्सप्रेस ट्रेनें शुरू होती हैं और लगभग 300 मेल-एक्सप्रेस ट्रेनें प्रदेश से होकर गुजरती हैं। इनमें से प्रमुख ट्रेनों में यात्रियों की सुरक्षा के लिए जीआरपी की एस्कॉर्ट सुविधा भी उपलब्ध रहती है।श्री सिन्हा ने बातचीत के दौरान बताया कि कुछ रेलवे सेक्शन में खानपान सेवा प्रदाताओं को अनधिकृत वेंडर्स की समस्या से झूझना पड़ता है, जिसमे मुख्यतः प्रयाग-फूलपुर, प्रयागराज-वाराणसी, बनारस- भदोही, वाराणसी-रायबरेली, झाँसी-उरई-कानपुर, झाँसी-ललितपुर, इटावा-टुंडला, देवरिया-भटनी-छपरा, खलीलाबाद-गोण्डा-बाराबंकी, हरदोई-शाहजहांपुर-बरेली रेलखंड शामिल है।इस बैठक में जीआरपी लखनऊ जोन के आईजी आरके भारद्वाज भी उपस्थित रहे।

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फ्रांस सरकार के सहयोग से कानपुर में बनेगा विश्वस्तरीय राष्ट्रीय विमान उत्कृष्टता केंद्र

खबर है..नई दिल्लीप्रधानमंत्री श्नरेंद्र मोदी ने कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (एमएसडीई) की प्रधानमंत्री कौशल और रोजगार क्षमता परिवर्तन उन्नत आईटीआई (पीएम-एसईटीयू) योजना के तहत फ्रांस की सरकार के सहयोग से कानपुर के राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थान (एनएसटीआई) में एरोनॉटिक्स और रक्षा क्षेत्र में कौशल विकास के लिए एक राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र (एनसीओई) की स्थापना की घोषणा की।प्रधानमंत्री ने यह घोषणा फ्रांस के राष्ट्रपति के साथ एक संयुक्त प्रेस वक्तव्य के दौरान की, जब वे भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष और संबंधित सहयोग पहलों का उद्घाटन कर रहें थे, जिनमें एरोनॉटिक्स में कौशल विकास के लिए राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र भी शामिल है। कानपुर में प्रस्तावित यह उतकृष्टता केंद्र एरोनॉटिक्स में रखरखाव, मरम्मत और ओवरहॉल (एमआरओ), हवाई अड्डा संचालन, रक्षा विनिर्माण और संबद्ध क्षेत्रों में उन्नत कौशल प्रशिक्षण पर ध्यान केंद्रित करेगा। इसे एक विश्व स्तरीय संस्थान के रूप में परिकल्पना की किया गयी है, जो देश के बढ़ते एयरोस्पेस और रक्षा इको-सिस्टम को सहायता प्रदान करते हुए विमानन कौशल में भारत की क्षमता को मजबूत करेगा।केन्द्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) व शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व में पीएम-एसईटीयू भारत के आईटीआई इको-सिस्टम के भविष्य को नया रूप दे रहा है। कानपुर स्थित राष्ट्रीय विमानन उत्कृष्टता केंद्र न केवल वैश्विक स्तर पर सक्षम विमानन पेशेवरों की एक नई पीढ़ी तैयार करेगा, बल्कि उभरते और उन्नत प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में फ्रांस के साथ भारत की रणनीतिक साझेदारी को भी और मजबूत करेगा। इस केंद्र की स्थापना के लिए पीएम-सेतु योजना के अंतर्गत भारत सरकार के कौशल विकास औऱ उद्यमिता मंत्रालय तथा फ्रांस की सरकार के बीच एक आशय पत्र का आदान-प्रदान किया गया है। यह पहल भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी तथा वर्ष 2025 में कौशल विकास और व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण के क्षेत्र में हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन पर आधारित है।

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