जम्मू-कश्मीर में डिगडोल-पंथ्याल ट्विन ट्यूब टनल से बदलने वाली है जिंदगी

दिनों का इंतजार नहीं बल्कि पांच मिनट में होगी पहुंच

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नई दिल्ली
दशकों तक राष्ट्रीय राजमार्ग 44 पर रामबन, डिगडोल और पंथ्याल के बीच के क्षेत्र को एक ऐसे नाम से जाना जाता था जिसके बारे में स्थानीय लोग चिंता किए बिना शायद ही कभी बात करते थे – खूनी नाला। चट्टानें गिरने, भूस्खलन, भारी बारिश और बड़ी संख्या में जानलेवा दुर्घटनाओं के कारण अक्सर यातायात ठप हो जाता था। यात्री अक्सर घंटों, कभी-कभी तो दिनों तक, सड़क साफ होने का इंतजार करते हुए फंसे रहते थे। आज राष्ट्रीय राजमार्ग 44 के रामबन-बनिहाल खंड में डिगडोल से पंथ्याल तक चार लेन वाली ट्विन ट्यूब सुरंगों के निर्माण के साथ यह कहानी बदल रही है।
दिगडोल निवासी रतन को याद है कि पहले यात्रा कितनी अनिश्चित हुआ करती थी। वे कहते हैं की “पहले जब चट्टानें गिरती थीं और तेज़ बारिश होती थी, तो कई लोगों को दोनों तरफ कई दिनों तक इंतजार करना पड़ता था। अब हम दिगडोल से रामसू-मगरकोट की तरफ सिर्फ 5 मिनट में पहुंच सकते हैं। सुरंग निर्माण के लिए मैं सरकार का तहे दिल से आभार व्यक्त करता हूं।”
एनएच-44 के रामबन-बनिहाल खंड के चल रहे चार लेन निर्माण कार्य के अंतर्गत, डिगडोल-पंथ्याल ट्विन ट्यूब टनल इस चुनौतीपूर्ण हिमालयी क्षेत्र में संपर्क को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। हिमालय की ऊंचाइयों पर स्थित रामबन-बनिहाल खंड कश्मीर घाटी को शेष भारत से जोड़ने वाली एक महत्वपूर्ण कड़ी है। इस महत्वपूर्ण मार्ग को सुरक्षित, तेज और अधिक विश्वसनीय बनाने के लिए, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की एक प्रमुख अवसंरचना पहल – डिगडोल-पंथ्याल ट्विन ट्यूब टनल परियोजना – पूर्ण होने के करीब है।

रणनीतिक महत्व का एक गलियारा

दिगडोल-पंथ्याल ट्विन ट्यूब टनल परियोजना जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर हर मौसम में बेहतर संपर्क स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस पूरी परियोजना से जम्मू और श्रीनगर के बीच यात्रा का समय कम होगा। इससे माल परिवहनकर्ताओं, पर्यटकों, स्थानीय निवासियों और सुरक्षा एजेंसियों को समय और लागत दोनों के लिहाज से सीधा लाभ मिलेगा। इसके अलावा यात्रा का समय कम होने से इस महत्वपूर्ण गलियारे पर सेना और अन्य सुरक्षा कर्मियों की आवाजाही तेज होगी। इससे आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया संभव होगी और क्षेत्र में रणनीतिक संपर्क मजबूत होगा।
एक बार चालू हो जाने पर ट्विन ट्यूब सुरंगें रामबन-बनिहाल मार्ग पर सुरक्षा में उल्लेखनीय सुधार लाएंगी। भूस्खलन-संभावित ढलानों के बजाय पहाड़ों के बीच से वाहनों को गुजारने से यह परियोजना पत्थरों के गिरने और मौसम संबंधी व्यवधानों के जोखिम को कम करेगी। इससे पूरे वर्ष विश्वसनीय हर मौसम में संपर्क सुनिश्चित होगा।

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