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गोवा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत के ऊर्जा क्षेत्र में निवेश की अपार संभावनाएँ हैं। गैस डिस्ट्रीब्यूशन और पेट्रोकेमिकल सेक्टर निवेशकों के लिए अत्यंत आकर्षक क्षेत्र बनकर उभर रहे हैं।
मोदी ने 27 जनवरी को गोवामें आयोजित इंडिया एनर्जी वीक के अवसर पर संबोधन में कहा गया कि
भारत की विशाल जनसंख्या और तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के चलते पेट्रोकेमिकल उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है। इस मांग को पूरा करने के लिए बड़े पैमाने पर एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास की आवश्यकता है, जिसमें निवेशकों को दीर्घकालिक ग्रोथ के अवसर मिल सकते हैं। इसके साथ ही डाउनस्ट्रीम गतिविधियों में भी निवेश के कई नए रास्ते खुल रहे हैं।
कार्यक्रम में यह भी कहा गया कि भारत “रिफॉर्म्स एक्सप्रेस” पर आगे बढ़ रहा है। घरेलू हाइड्रोकार्बन सेक्टर को सशक्त बनाने के साथ-साथ, वैश्विक सहयोग के लिए एक पारदर्शी और निवेशक-अनुकूल वातावरण तैयार किया जा रहा है। भारत अब केवल ऊर्जा सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि ऊर्जा आत्मनिर्भरता के लक्ष्य की ओर तेज़ी से बढ़ रहा है।
भारत ऐसा ऊर्जा इकोसिस्टम विकसित कर रहा है जो देश की घरेलू मांग को पूरा करने के साथ-साथ किफायती रिफाइनिंग और ट्रांसपोर्टेशन के ज़रिए वैश्विक बाज़ार में प्रतिस्पर्धी निर्यात को भी संभव बनाएगा।
बताया गया कि भारत के ऊर्जा क्षेत्र में लगभग 500 अरब डॉलर के निवेश अवसर मौजूद हैं। निवेशकों से “मेक इन इंडिया, इनोवेट इन इंडिया, स्केल विद इंडिया और इन्वेस्ट इन इंडिया” के मंत्र के साथ भारत के विकास में भागीदार बनने का आह्वान किया गया।
इंडिया एनर्जी वीक के अवसर पर देश-विदेश से आए निवेशकों और उद्योग जगत को शुभकामनाएँ भी दी गईं।
