धामी मिले नितिन नबीन से, दी शुभकामनाए
खबर है..नई दिल्लीउत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार 20 जनवरी को नई दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी के नव निर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन से भेंट कर उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दी ।
खबर है..नई दिल्लीउत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार 20 जनवरी को नई दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी के नव निर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन से भेंट कर उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दी ।
खबर है..लखनऊयोगी सरकार प्रदेश को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और फ्यूचर स्किल्स के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में लगातार ठोस कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप प्रदेश में एआई आधारित नवाचार (इनोवेशन), डिजिटल स्किल्स और रोजगारोन्मुखी तकनीकी विकास को बढ़ावा देने के लिए आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग को निर्देश दिए गए हैं। इसी के तहत मंगलवार को एआई नवाचार को लेकर दिग्गज कंपनियों, नीति निर्माताओं, शिक्षाविदों और तकनीकी विशेषज्ञों ने अपने विचार रखे।इंडस्ट्री रेडी टैलेंट पर साझा किए अनुभवप्रमुख सचिव, आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स अनुराग यादव ने बताया कि विभाग के सेंटर फॉर ई-गवर्नेंस द्वारा मंगलवार को राज्य स्तरीय एआई-लेड इनोवेशन एंड कैपेसिटी बिल्डिंग कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। सम्मेलन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल स्किल्स, फ्यूचर स्किल्स, क्षमता निर्माण और रोजगार सृजन जैसे विषयों पर चर्चा की गयी। सम्मेलन का उद्देश्य प्रदेश को एआई इनोवेशन हब के रूप में स्थापित करना, युवाओं और सरकारी अधिकारियों की डिजिटल दक्षता को मजबूत करना तथा उद्योग, सरकार और शैक्षणिक संस्थानों के बीच सशक्त सहयोग विकसित करना है। सम्मेलन में देश-विदेश की दिग्गज टेक कंपनियाें ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से एआई आधारित समाधान, डिजिटल इकोसिस्टम और इंडस्ट्री-रेडी टैलेंट को लेकर अपने अनुभव और सुझाव साझा किए। माइक्रोसॉफ्ट, टीसीएस, एचसीएल, गूगल, इंटेल और वाधवानी फाउंडेशन जैसी वैश्विक कंपनियों ने एआई के व्यावहारिक उपयोग, स्किल डेवलपमेंट और भविष्य की तकनीकी जरूरतों पर आधारित केस स्टडी प्रस्तुत की हैं।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का विजन है कि प्रदेश का युवा भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तकनीकी रूप से सक्षम बने और एआई जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर प्रदेश की विकास यात्रा को नई गति दे। इसी सोच के तहत योगी सरकार एआई, डिजिटल स्किल्स और नवाचार को नीति और क्रियान्वयन, दोनों स्तरों पर प्राथमिकता दे रही है। 10 लाख लोगों को एआई प्रज्ञा के जरिये एआई साक्षरता से जोड़ने का लक्ष्यसम्मेलन का एक प्रमुख आकर्षण सेंटर फॉर ई-गवर्नेंस और नासकॉम के बीच हुए एमओयू पर हस्ताक्षर रहा। नासकॉम के फ्यूचर स्किल्स प्राइम कार्यक्रम के तहत यह समझौता प्रदेश के युवाओं को उभरती तकनीकों में प्रशिक्षित करने, उद्योग-उपयोगी कौशल विकसित करने और रोजगार के नए अवसर सृजित करने में मील का पत्थर साबित होगा। नासकॉम की सीईओ डॉ. अभिलाषा गौर ने एआई और डिजिटल स्किल डेवलपमेंट के महत्व को बताते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में टैलेंट और अवसर, दोनों की अपार संभावनाएं हैं। सम्मेलन के अंतिम चरण में आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग द्वारा ‘एआई प्रज्ञा’ की प्रस्तुति दी गई। इस पहल का उद्देश्य प्रदेश के 10 लाख नागरिकों को एआई साक्षरता से जोड़ना, उन्हें भविष्य के डिजिटल अवसरों के लिए तैयार करना और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के योग्य बनाना है।
खबर है..नई दिल्लीकेंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. श्रीनिवास वरखेड़ी ने एक ऐतिहासिक सांस्कृतिक हस्तांतरण के तहत तीन मूर्ति स्थित प्रधानमंत्री संग्रहालय और पुस्तकालय (पीएमएमएल) की कार्यकारी परिषद के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र को वाल्मीकि रामायण (तत्त्वदीपिका टीका सहित) की 233 वर्ष पुरानी संस्कृत की एक दुर्लभ पांडुलिपि सौंपी।आदि कवि महर्षि वाल्मीकि द्वारा रचित और महेश्वर तीर्थ की शास्त्रीय टीका से युक्त यह पांडुलिपि संस्कृत (देवनागरी लिपि) में लिखी गई है। यह विक्रम संवत 1849 (1792 ईस्वी) की एक ऐतिहासिक महत्व की कृति है और रामायण की एक दुर्लभ सुरक्षित पाठ परंपरा का प्रतिनिधित्व करती है। इस संग्रह में महाकाव्य के पांच प्रमुख कांड बालकांड, अरण्यकांड, किष्किंधाकांड, सुंदरकांड और युद्धकांड शामिल हैं, जो इतिहास की कथात्मक और दार्शनिक गहराई को दर्शाते हैं।पहले नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन को अस्थायी रूप से सौंपी गई पांडुलिपि को अब अयोध्या, उत्तर प्रदेश में अंतरराष्ट्रीय राम कथा संग्रहालय को स्थायी रूप से उपहार में दिया गया है। यह महत्वपूर्ण कदम रामायण विरासत के वैश्विक केंद्र के रूप में संग्रहालय के विकास में सहायता करता है, जिससे आम जनता तक इसकी व्यापक पहुंच के साथ इसका संरक्षण सुनिश्चित होगा।प्रो. वराखेड़ी ने कहा कि यह उपहार पवित्र अयोध्या नगरी में वाल्मीकि रामायण के गहन ज्ञान को अमरता प्रदान करेगा, जिससे विद्वानों, भक्तों और दुनिया भर के आगंतुकों तक इसकी पहुंच सुनिश्चित होगी।पीएमएमएल की कार्यकारी परिषद के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने कहा कि “वाल्मीकि रामायण की इस दुर्लभ पांडुलिपि का अयोध्या स्थित राम कथा संग्रहालय को दान राम भक्तों और अयोध्या स्थित मंदिर परिसर के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है।”
खबर है..नई दिल्लीकामाख्या–हावड़ा के बीच शुरू की गई वंदे भारत स्लीपर ट्रेन यात्रियों में अधिक लोकप्रिय हो रही है। टिकट बुकिंग शुरू होने के कुछ ही घंटों में पहली व्यावसायिक यात्रा के सभी टिकट बिक गए। यह ट्रेन 22 जनवरी 2026 से कामाख्या और 23 जनवरी 2026 से हावड़ा से चलना शुरू करेगी। तेज गति, आधुनिक सुविधाओं और आरामदायक रात्रिकालीन यात्रा के कारण यात्रियों में इस प्रीमियम रेल सेवा को लेकर भारी उत्साह देखा गया है। यह सेवा पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत के बीच कनेक्टिविटी को मजबूत करेगी।मुख्य बिंदुरेलगाड़ी संख्या: 27576 (वंदे भारत शयनयान)मार्ग: कामाख्या (केवाईक्यू) – हावड़ा (एचडब्ल्यूएच)उद्घाटन: 17 जनवरी 2026टिकट बुकिंग शुरू: 19 जनवरी 2026, सुबह 8 बजेसभी श्रेणियों के टिकट 24 घंटे से कम समय में बिकेपहली व्यावसायिक यात्रा:कामाख्या से: 22 जनवरी 2026हावड़ा से: 23 जनवरी 2026आधुनिक, तेज और आरामदायक रात्रिकालीन यात्रा का अनुभव।
खबर है..नई दिल्लीप्रधानमंत्री संग्रहालय एवं पुस्तकालय के निदेशक अश्वनी लोहानी ने कहा कि दुनिया में ऐसा संग्रहालय कहीं नहीं है जो लोकतंत्र की विविधता और विशालता को संग्रहित करके रखे हुए हैं। इसको देखने, समझने और अध्ययन करने की जरूरत है। लिहाजा यहां ज्यादा से ज्यादा संख्या में लोगों को प्रधानमंत्री संग्रहालय और पुस्तकालय आना चाहिए और भारत के लोकतंत्र का भागीदार बनना चाहिए।प्रधानमंत्री संग्रहालय एवं पुस्तकालय की लोकप्रियता धीरे-धीरे बढ़ रही है। प्रतिदिन करीब 2000 से अधिक विजिटर पहुंच रहे हैं। संग्रहालय के पुराने भवन और नवनिर्मित भवन में सहेज कर वर्षों से रखे गए लोकतंत्र के उन तमाम पांडुलिपियों और अब तक के प्रधानमंत्रियों के जीवन एवं कार्यशैली और को दर्शा रहे हैं।
खबर है..नई दिल्लीआखिरकार भारतीय जनता पार्टी को नया राष्ट्रीय अध्यक्ष मिल ही गया। बिहार के कद्दावर भाजपा नेता नितिन नवीन पार्टी के 12वें राष्ट्रीय अध्यक्ष निर्विरोध चुने गए। उन्हें यह सफलता मंत्र 45 वर्ष की उम्र में मिली है। भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त होने के साथ यह माना जा रहा था कि वे अगले राष्ट्रीय अध्यक्ष होंगे। चुनाव के लिए उनके समर्थन में कुल 37 सीट नामांकन सेट दाखिल किए गए थे। इससे जाहिर हो गया था की उनका निर्विरोध राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना जाना सुनिश्चित है।नितिन नवीन को राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने जाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत पार्टी के कई दिग्गजों ने उनके नाम का प्रस्ताव किया था। इससे यह संकेत साफ हो गया था कि संगठन और सरकार की ओर से यह चेहरा सभी को पसंद है। लिहाजा उनके नाम पर ही सभी प्रस्ताव आए थे। नितिन नवीन युवा मोर्चा से लेकर संगठन और बिहार के राजनीति में अपनी जबरदस्त पहचान का परिचय दे चुके हैं। तभी उन्हें इतनी कम उम्र में पार्टी की कमान देने का भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने मन बनाया। युवा नेता के रूप में मिली पार्टी की कमान से यह उम्मीद लगाई जा रही है कि वे भाजपा से युवाओं को जोड़ने और पार्टी में युवाओं को तरजीह देने में पीछे नहीं रहेंगे।नितिन नवीन का भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना जाना बिहार और कायस्थ समाज के लिए ऐतिहासिक गौरव की बात मानी जा रही है। भाजपा को पहली बार बिहार से राष्ट्रीय अध्यक्ष मिला है। इससे बिहार और कायस्थ समाज में पार्टी मजबूत होगी।
खबर है..नई दिल्लीभारत निर्वाचन आयोग पहला भारत अंतर्राष्ट्रीय लोकतंत्र और चुनाव प्रबंधन सम्मेलन (आईआईसीडीईएम) 2026 का आयोजन करने जा रहा है। भारत अंतर्राष्ट्रीय लोकतंत्र और चुनाव प्रबंधन संस्थान द्वारा आयोजित यह तीन-दिवसीय सम्मेलन 21 जनवरी से नई दिल्ली के भारत मंडपम में शुरू होगा।आईआईडीईएम-2026 लोकतंत्र और चुनाव प्रबंधन के क्षेत्र में भारत द्वारा आयोजित अपनी तरह का सबसे बड़ा वैश्विक सम्मेलन बनने जा रहा है। विश्व भर के 70 से अधिक देशों का प्रतिनिधित्व करने वाले लगभग 100 अंतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधियों के साथ-साथ अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधि, भारत में विदेशी मिशनों के प्रतिनिधि और चुनावी क्षेत्र के अकादमिक और व्यावहारिक विशेषज्ञ भी इसमें भाग लेने के लिए तैयार हैं।मुख्य निर्वाचन आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार, निर्वाचन आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी 21 जनवरी, 2026 को उद्घाटन सत्र में प्रतिनिधियों का स्वागत करेंगे और कार्यवाही को हरी झंडी दिखाएंगे। तीन-दिवसीय कार्यक्रम में चुनाव प्रबंधन निकाय (ईएमबी) के सामान्य और पूर्ण सत्र शामिल हैं, जिनमें उद्घाटन सत्र, चुनाव प्रबंधन निकाय के नेताओं का पूर्ण सत्र, चुनाव प्रबंधन निकाय के कार्य समूह की बैठकें, साथ ही वैश्विक चुनावी मुद्दों, आदर्श अंतरराष्ट्रीय चुनावी मानकों और चुनावी प्रक्रियाओं में नवाचारों और सर्वोत्तम प्रणालियों पर केंद्रित विषयगत सत्र शामिल हैं।राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के सीईओ के नेतृत्व में और राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय शैक्षणिक विशेषज्ञों के सहयोग से गठित कुल 36 विषयगत समूह सम्मेलन के दौरान गहन विचार-विमर्श में योगदान देंगे। इन चर्चाओं में 4 आईआईटी, 6 आईआईएम, 12 राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (एनएलयू) और आईआईएमसी सहित प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों की भागीदारी भी होगी।भारत निर्वाचन आयोग विश्वभर में चुनाव प्रबंधन निकाय के सामने आने वाली विभिन्न चुनौतियों पर चर्चा और सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए चुनाव आयोग के साथ 40 से अधिक द्विपक्षीय बैठकें आयोजित करेगा। विश्व के सबसे बड़े चुनाव, लोकसभा 2024 चुनावों के आयोजन पर प्रकाश डालने वाली वृत्तचित्र श्रृंखला “इंडिया डिसाइड्स” को भी आईआईसीडीईएम-2026 के पहले दिन प्रदर्शित किया जाएगा।
खबर है…नई दिल्लीबहुप्रतीक्षित देश की पहली वंदेभारत स्लीपर ट्रेन की शुरुआत पश्चिम बंगाल की जमीन से होने जा रही है। इस ट्रेन की सौगात प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शनिवार 17 जनवरी को देशवासियों को देंगे। इस अत्याधुनिक हाईस्पीड ट्रेन में सफर को लेकर लोग उत्साहित हैं। हावड़ा से गुवाहाटी के बीच वंदेभारत स्लीपर ट्रेन का सफर शुरू हो रहा है। लेकिन रेलमंत्री अश्वनी वैष्णव ने ऐलान किया है कि एक वर्ष के भीतर ऐसी एक दर्जन वंदेभारत स्लीपर ट्रेनें देश के विभिन्न हिस्सों से चलेंगी। वंदेभारत स्लीपर ट्रेन के अन्य रैक के निर्माण का कार्य तेजी से चल रहा है। जैसे-जैसे यह रैक बनकर तैयार होंगी। वैसे-वैसे ट्रेनें चलनी शुरू हो जाएगी।खबर है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 17 जनवरी को पश्चिम बंगाल का दौरा करेंगे। यहां वे भारतीय रेलवे के मालदा टाउन स्टेशन से हावड़ा-गुवाहाटी वंदेभारत स्लीपर ट्रेन का उद्घाटन करेंगे। इसके बाद वे यहां पर एक जनसभा को संबोधित भी करेंगे। प्रधानमंत्री की ओर से नई स्लीपर ट्रेन की सौगात पश्चिम बंगाल से देने को यहां की आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों की शुरुआत का आगाज माना जा रहा है। मोदी का यह दौरा देश के पूर्वी और पूर्वोत्तर राज्यों में अत्याधुनिक ट्रेन सेवा का विस्तार है। हालांकि वंदेभारत स्लीपर ट्रेन के अलावा नौ नई अमृत भारत ट्रेनों की शुरुआत भी की जा रही है। यह आम लोगों के लिए अत्याधुनिक सुविधाओं वाली ट्रेन हैं।वंदेभारत स्लीपर ट्रेन है खासयह ट्रेन यात्रा को आरामदायक बनाने के साथ-साथ सफर के समय में लगभग 3 घंटे की बचत भी करेगी। ट्रेन में कुल 16 कोच होंगे, जिन्हें 180 किमी/घंटा की अधिकतम गति के लिए डिज़ाइन किया गया है (नियमित संचालन 130 किमी/घंटा पर होगा)। कुल 823 बर्थ की व्यवस्था इस प्रकार है। इसमें ‘कवच‘ ऑटोमैटिक प्रोटेक्शन सिस्टम और इमरजेंसी टॉक-बैक यूनिट दी गयी है। बेहतर कुशनिंग वाली एर्गोनोमिक बर्थ, शोर कम करने वाली तकनीक और ऑटोमैटिक स्लाइडिंग दरवाजे भी हैं। हाइजीन और खान-पान: कीटाणुनाशक तकनीक वाला सैनिटेशन सिस्टम और ऑनबोर्ड स्टाफ द्वारा स्वादिष्ट स्थानीय व्यंजन सुविधा भी है। यात्रियों को उच्च गुणवत्ता वाले कंबल और एडवांस्ड बेडरोल दिए जाएंगे।बुकिंग के नियमइस प्रीमियम ट्रेन सेवा के लिए टिकटिंग सिस्टम में बड़े बदलाव किए हैं। सिर्फ कंफर्म टिकट: ट्रेन में केवल कंफर्म टिकट वाले ही यात्रा कर सकेंगे। यात्रा के दौरान आरएसी बर्थ शेयर करने का झंझट खत्म कर दिया गया है। इसमें वेटिंग लिस्ट की अनुमति नहीं होगी। इस ट्रेन में वीआईपी, इमरजेंसी कोटा या रेल अधिकारियों के पास मान्य नहीं होंगे। यह पूरी तरह डिजिटल और फिक्स्ड बर्थ आधारित होगी।किरायाहावड़ा से कामाख्या का किराया 2299 रुपये : तृतीय वातानुकूलित श्रेणी में हावड़ा से कामाख्या का किराया 2299 रुपये निर्धारित किया गया है। वहीं हावड़ा से न्यू जलपाईगुड़ी के लिए 1334 रुपये और हावड़ा से मालदा टाउन के लिए 960 रुपये किराया देना होगा। म्हावड़ा से न्यू जलपाईगुड़ी के लिए 1724 रुपये : द्वितीय वातानुकूलित श्रेणी में हावड़ा से कामाख्या का किराया 2970 रुपये होग। इसी श्रेणी में हावड़ा से न्यू जलपाईगुड़ी के लिए 1724 रुपये तथा हावड़ा से मालदा टाउन के लिए 1240 रुपये किराया तय किया गया है। प्रथम वातानुकूलित श्रेणी में हावड़ा से कामाख्या का किराया 3640 रुपये होगा, जबकि हावड़ा से न्यू जलपाईगुड़ी के लिए 2113 रुपये और हावड़ा से मालदा टाउन के लिए 1520 रुपये चुकाने होंगे।