टूरिस्ट वाहन संचालकों की बल्ले-बल्ले, मिलेंगी कई सुविधाएं

बदल गया टूरिस्ट वाहनों का परमिट नियम, मिलेगा बढ़ावा खबर है..नई दिल्ली केंद्र सरकार ने ऑल इंडिया टूरिस्ट व्हीकल परमिट रूल्स 2023 मैं संशोधन करके उसे व्यवहारिक और सकारात्मक बना दिया है। इससे टूरिस्ट वाहन संचालकों के लिए कई सुविधाएं बेहतर हो गई है। इससे देश भर के टूरिस्ट ट्रांसपोर्ट ऑपरेटर को उनकी व्यावसायिक गतिविधियों को ज्यादा बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ-साथ पर्यटकों को भी कम लागत में वाहन की अच्छी सुविधा प्राप्त हो सकेगी।सरकार के इस सार्थक कदम के लिए ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट काँग्रेस (AIMTC), दिल्ली कॉन्ट्रैक्ट बस एसोसिएशन (DCBA) एवं देशभर के टूरिस्ट ट्रांसपोर्ट ऑपरेटरों की ओर से हम सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार का हृदय से आभार व्यक्त किया हैं। मंत्रालय ने 13 फरवरी 2026 को जारी अधिसूचना G.S.R. 131(E) के माध्यम से यह अधिसूचना जारी की है। यह जानकारी ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कंपनी अध्यक्ष हरीश सभरवाल ने दी।AIMTC और DCBA के निरंतर प्रयासों से टूरिस्ट ऑपरेटरों के हित में कई महत्वपूर्ण सकारात्मक बदलाव संभव हो सके हैं। 12 सितंबर 2025 को प्रस्तावित AITP नियम संशोधन पर संगठनों ने लगातार सुझाव दिए और मंत्रालय के साथ बैठकों में उद्योग का पक्ष मजबूती से रखा। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप 13 फरवरी 2026 को नए संशोधित नियम जारी किए गए।मुख्य फायदे

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हरियाणा के तीन मंत्री मिले भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन से

खबर है..नई दिल्ली हरियाणा के शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल, खाद्य आपूर्ति राज्यमंत्री राजेश नागर और खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम ने मंगलवार को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन से मुलाकात की। दिल्ली स्थित भाजपा के राष्ट्रीय कार्यालय में यह शिष्टाचार भेंट हुई। इस दौरान भाजपा संगठन से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। इस दौरान पार्टी द्वारा उनके विधानसभा क्षेत्रों में चलाए जा रहे विभिन्न कार्यक्रमों व प्रकल्पों को लेकर बातचीत हुई।

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राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे ‘मधुमक्खी गलियारा’ विकसित करेगा एनएचएआई

खबर है..नई दिल्ली भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे परागणकारी या मधुमक्खी गलियारे विकसित करने की एक अनूठी पहल की घोषणा की है। सजावटी पौधारोपण से पारिस्थितिक पौधारोपण की ओर बदलाव को दर्शाते हुए इस ‘मधुमक्खी गलियारे’ में मधुमक्खी-अनुकूल वनस्पतियों, जिसमें फूलों के पेड़ और पौधे शामिल होंगे, की निरंतर रैखिक श्रृंखला होगी जो पूरे वर्ष मकरंद और पराग की उपलब्धता सुनिश्चित करेगी। राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे पौधारोपण परागणकारी संरक्षण में सहयोग करने का एक अनूठा अवसर प्रदान करता है। यह पहल मधुमक्खियों और अन्य परागणकारी जीवों पर बढ़ते पारिस्थितिक तनाव को कम करने में मदद करेगी, जो परागण सेवाओं, कृषि और बागवानी उत्पादकता और समग्र पारिस्थितिक संतुलन को प्रतिकूल रूप से प्रभावित कर रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण अपनी पौधारोपण गतिविधियों को समर्पित परागणकारी या ‘मधुमक्खी गलियारे’ बनाने की दिशा में संरेखित करेगा। इस अनूठी पहल में वृक्षों, झाड़ियों, जड़ी-बूटियों और घासों का मिश्रण शामिल होगा, जो मकरंद और पराग से भरपूर प्रजातियों को लगाकर जंगली तत्वों को संरक्षित करेगा। साथ ही, परागणकारी जीवों के लिए लाभकारी मृत लकड़ी और खोखले तने भी लगाए जाएंगे। पौधों की प्रजातियों का चयन इस प्रकार किया जाएगा कि विभिन्न ऋतुओं में फूलों का खिलना अलग-अलग समय पर हो, जिससे पूरे वर्ष लगभग निरंतर फूल खिलने का चक्र बना रहे। राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे नीम, करंज, महुआ, पलाश, बॉटल ब्रश, जामुन और सिरिस सहित देशी प्रजातियों के पेड़ और पौधे लगाए जाएंगे।कृषि-जलवायु परिस्थितियों और स्थानीय उपयुक्तता के आधार पर राष्ट्रीय राजमार्गों और एनएचएआई के अन्य खाली भू खंडो पर ऐसे गलियारे विकसित किए जाएंगे। देशभर में स्थित एनएचएआई के क्षेत्रीय कार्यालय उन राष्ट्रीय राजमार्ग के खंडों की पहचान करेंगे, जहां लगभग 500 मीटर से 1 किलोमीटर के अंतराल पर फूलों वाले पेड़ों के समूह लगाए जा सकें, जो मधुमक्खियों और जंगली मधुमक्खियों की औसत चारा खोजने की दूरी के अनुरूप है। एनएचएआई के क्षेत्रीय कार्यालय 2026-27 के दौरान कम से कम तीन परागणकारी गलियारों की योजना बनाएंगे और उन्हें विकसित करेंगे। एनएचएआई का लक्ष्य वर्ष 2026-27 के दौरान राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे लगभग 40 लाख पेड़ लगाने का है, जिनमें से लगभग 60 प्रतिशत पौधे ‘मधुमक्खी गलियारा’ पहल के अंतर्गत लगाए जाएंगे।यह अनुठी ‘मधुमक्खी गलियारा’ पहल पारिस्थितिक परिणामों को बेहतर बनाने में मदद करेगी, परागणकर्ताओं के संरक्षण में योगदान देगे और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार राष्ट्रीय राजमार्ग विकास के लिए एनएचएआई की प्रतिबद्धता को और मजबूत करेगी।

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राजभाषा के प्रचार प्रसार में निरंतर प्रगति पर : डीआरएम

खबर है..लखनऊपूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के डीआरएम गौरव अग्रवाल ने कहा कि राजभाषा के प्रयोग-प्रसार के मामले में लखनऊ मंडल का योगदान निरन्तर प्रगति की ओर अग्रसर है।श्री अग्रवाल सोमवार को डीआरएम कार्यालय में आयोजित पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ मण्डल ’राजभाषा कार्यान्वयन समिति’ की प्रथम तिमाही बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने बताया कि राजभाषा अधिनियम 1963 यथासंशोधित 1967 की धारा 3(3) के अन्तर्गत वर्णित सभी चौदह दस्तावेजों को नियमानुसार विद्वभाषी रूप में जारी किया जाना अनिवार्य हैं। राजभाषा विभाग की त्रैमासिक पत्रिका ’प्रगति’ एवं ’लखनऊ दर्पण’ समाचार बुलेटिन का नियमित प्रकाशन किया जा रहा है। बैठक की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने अपील करते हुए कहा कि सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से मेरा आग्रह है कि पत्रिका के लिए अपनी लिखी रचनाएं नियमित भेजते रहे। उक्त प्रकाशित रचनाओं पर प्रोत्साहन राशि भी दिए जाने की व्यवस्था होती है।इससे पहले अपर मुख्य राजभाषा अधिकारी सह अपर मण्डल रेल प्रबंधक (इंफ्रा0) भुवनेश सिंह ने अपने स्वागत सम्बोधन में कहा कि मंडल के कार्यक्षेत्र में कार्य नियमानुसार हिंदी/द्विभाषी रूप में निष्पादित किए जा रहे हैं। सरकारी कामकाज में राजभाषा हिंदी का प्रयोग करना हमारी संवैधानिक जिम्मेदारी है। मुझे खुशी है कि लखनऊ मंडल में इसका अनुपालन सुनिश्चित किया जा रहा है।सभी शाखाधिकारी एवं अन्य सदस्यगण, मंडल की प्रत्येक त्रैमासिक बैठक में अवश्य उपस्थित हों। साथ ही, स्टेशन राजभाषा कार्यान्वयन समितियों की त्रैमासिक बैठकें कैलेण्डर के अनुसार जारी तिथियों पर सम्पन्न कराकर उसका कार्यवृत्त एक सप्ताह के भीतर मंडल कार्यालय भिजवाना सुनिश्चित करें।इसी कड़ी में वरिष्ठ मण्डल सुरक्षा आयुक्त चन्द्र मोहन मिश्रा द्वारा ’साइबर अपराध एवं साइबर हाइजीन’ एवं ’रेलवे अधिनियम-नियम 1989 की धारा 143 के अन्तर्गत अवैध टिकट दलाली’ की रोकथाम संबंधित विषयों पर व्याख्यान दिया गया।जनसम्पर्क अधिकारी सह राजभाषा अधिकारी महेश गुप्ता ने राजभाषा कार्यान्वयन समिति की बैठक का संचालन करते हुए रेलवे बोर्ड की मानक कार्यसूची के अनुसार विभागवार रपट प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के अन्त में अपर मण्डल रेल प्रबन्धक/परिचालन श्रीमती नीतू ने धन्यवाद ज्ञापित किया गया।इस अवसर पर सभी शाखाधिकारी व अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे।

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निर्धारित स्टॉप पर बस को अनिवार्य रूप से रोकें : एमडी

खबर है..लखनऊ उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक प्रभु एन सिंह ने निर्देश दिए कि सभी बसों का संचालन निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार सुनिश्चित किया जाए। साथ ही सभी परिचालकों एवं चालकों को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया कि वे प्रत्येक निर्धारित स्टॉप पर बस को अनिवार्य रूप से रोकें। यात्रियों को बैठाकर उनके गंतव्य तक पहुँचाएँ, जिससे यात्रियों की सुविधा सुनिश्चित होने के साथ-साथ निगम के राजस्व में भी वृद्धि हो सके।श्री सिंह सोमवार को वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के माध्यम से समस्त क्षेत्रों की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे।बैठक में निगम मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों एवं सभी क्षेत्रीय प्रबंधकों द्वारा विभागीय प्रगति, संचालन व्यवस्था तथा यात्री सुविधाओं से संबंधित विभिन्न विषयों की विस्तृत समीक्षा की गई।श्री सिंह ने यह भी निर्देश दिए कि समस्त जांच स्कॉड दल द्वारा दिन रात्रि दोनों समय प्रभावी जांच व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि निगम की आय में निरंतर वृद्धि सुनिश्चित की जा सके।

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आज से शुरू होंगी यूपी बोर्ड परीक्षाएं, 53 लाख से अधिक परीक्षार्थी होंगे शामिल

खबर है.. लखनऊ उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की वर्ष 2026 की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षाएं 18 फरवरी से 12 मार्च तक आयोजित की जाएंगी। इस वर्ष कुल 53,37,778 परीक्षार्थी पंजीकृत हैं, जिनमें हाईस्कूल के 27,61,696 और इंटरमीडिएट के 25,76,082 छात्र-छात्राएं शामिल हैं। परीक्षाओं को पूरी तरह नकलविहीन, पारदर्शी और सुव्यवस्थित ढंग से सम्पन्न कराने के लिए प्रदेश में कुल 8033 परीक्षा केन्द्र बनाए गए हैं, जिनमें 596 राजकीय, 3453 अशासकीय सहायता प्राप्त और 3984 स्ववित्त पोषित विद्यालय शामिल हैं। राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम का शुभारंभमाध्यमिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गुलाब देवी ने मंगलवार को शिक्षा निदेशक (माध्यमिक), लखनऊ शिविर कार्यालय में स्थापित राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम का उद्घाटन किया। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप इस वर्ष परीक्षा व्यवस्था को पूरी तरह तकनीक आधारित और पारदर्शी बनाया गया है। 18 जनपदों को संवेदनशील घोषित किया गया है, जबकि 222 परीक्षा केन्द्रों को अति संवेदनशील और 683 को संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है। इन केन्द्रों पर एसटीएफ और स्थानीय अभिसूचना इकाई को पूरी परीक्षा अवधि में सक्रिय रखा जाएगा तथा अति संवेदनशील केन्द्रों का दिन में दो बार निरीक्षण सुनिश्चित किया गया है। हर कक्ष में सीसीटीवी और लाइव वेबकास्टिंगपरीक्षा की निगरानी के लिए प्रत्येक परीक्षा कक्ष में वॉयस रिकॉर्डरयुक्त दो सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनके साथ राउटर, डीवीआर और हाई-स्पीड इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। परीक्षा अवधि की लाइव मॉनिटरिंग वेबकास्टिंग के माध्यम से की जाएगी। परीक्षा केन्द्रों पर बनाए गए स्ट्रांग रूम 24×7 सीसीटीवी निगरानी में रहेंगे। इसके अतिरिक्त सभी 75 जनपदों के प्रत्येक परीक्षा केन्द्र के स्ट्रांग रूम, प्रश्नपत्र वितरण कक्ष और उत्तर पुस्तिका सीलिंग-पैकिंग कक्ष की भी ऑनलाइन मॉनिटरिंग की जाएगी। राज्य स्तरीय पर्यवेक्षकों की नियुक्तिव्यवस्था को सुदृढ़ रखने के लिए 8033 केन्द्र व्यवस्थापक, 8033 बाह्य केन्द्र व्यवस्थापक, 8033 स्टैटिक मजिस्ट्रेट, 1210 सेक्टर मजिस्ट्रेट और 427 जोनल मजिस्ट्रेट नियुक्त किए गए हैं। साथ ही 69 मंडलीय और 440 जनपदीय सचल दल गठित किए गए हैं। शासन स्तर से सभी 75 जनपदों और 18 मंडलों के लिए राज्य स्तरीय पर्यवेक्षकों की नियुक्ति भी की गई है, ताकि परीक्षा संचालन में किसी प्रकार की शिथिलता न रहे। लखनऊ से लेकर क्षेत्रीय कार्यालयों तक कंट्रोल सेंटरपरीक्षार्थियों और अभिभावकों की सहायता के लिए राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम, लखनऊ में टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 18001806607 एवं 18001806608 जारी किए गए हैं। इसके अतिरिक्त माध्यमिक शिक्षा परिषद, प्रयागराज के टोल-फ्री नंबर 18001805310 एवं 18001805312 भी सक्रिय रहेंगे। ईमेल, फेसबुक, एक्स हैंडल और व्हाट्सएप के माध्यम से भी शिकायत एवं सुझाव दर्ज कराए जा सकेंगे। प्रयागराज मुख्यालय के साथ-साथ वाराणसी, मेरठ, बरेली और गोरखपुर के क्षेत्रीय कार्यालयों में भी कंट्रोल सेंटर स्थापित किए गए हैं। नकल रोकने के लिए विशेष सुरक्षा प्रबंधनकल रोकने के लिए विशेष सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं। आकस्मिक स्थिति के लिए सभी विषयों के अतिरिक्त रिजर्व प्रश्नपत्र सेट डबल लॉक अलमारी में सुरक्षित रखे गए हैं। उत्तर पुस्तिकाओं में चार रंगों में क्रमांक, परिषद का लोगो तथा सूक्ष्म “UPMSP” अंकन सहित विशेष सुरक्षा फीचर जोड़े गए हैं, जिससे अदला-बदली की संभावना समाप्त हो सके। इस वर्ष पहली बार यूपी संस्कृत शिक्षा परिषद की परीक्षा की भी ऑनलाइन मॉनीटरिंग की जाएगी। अनुचित क्रियाकलाप पर होगा सख्त एक्शनप्रदेश में लागू ‘उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम, 2024’ के तहत प्रश्नपत्र निर्माण, मुद्रण, वितरण, मूल्यांकन आदि में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पाए जाने पर कठोरतम कार्रवाई का प्रावधान है। मंत्री ने कहा कि सार्वजनिक परीक्षाओं में कदाचार युवाओं के भविष्य के साथ अन्याय है और सरकार ऐसे तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने सभी परीक्षार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए अपील की कि वे बिना तनाव और भय के आत्मविश्वास के साथ परीक्षा दें तथा इसे एक सकारात्मक अवसर के रूप में लें। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव (बेसिक और माध्यमिक शिक्षा) पार्थ सारथी सेन शर्मा, सचिव, माध्यमिक शिक्षा चन्द्र भूषण सिंह, महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी, विशेष सचिव, माध्यमिक शिक्षा उमेश चन्द्र और शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) डॉ महेन्द्र देव उपस्थित रहे। एक नजर में परीक्षा— पंजीकृत कुल परीक्षार्थी 53,37,778— हाईस्कूल के 27,61,696— इंटरमीडिएट के 25,76,082

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सिक्योरिटी हंटर्स बनी चैंपियन पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ मंडल अन्तर विभागीय टी-20 क्रिकेट लीग 2026

खबर है..लखनऊ पूर्वाेत्तर रेलवे, लखनऊ मण्डल क्रीड़ा संघ द्वारा आयोजित ऐशबाग रेलवे स्टेडियम पर ’’अन्तर विभागीय टी-20 क्रिकेट लीग 2026’’ (आईडीएल) टूर्नामेंट में सोमवार को फाइनल मैच इंजिनियरिंग डेयर डेविल्स व सिक्योरिटी हंटर्स मध्य खेला गया। सिक्योरिटी हंटर्स ने इंजिनियरिंग डेविल्स को 08 विकेट से पराजित कर चैंपियन बनी। पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के जनसंपर्क अधिकारी महेश गुप्ता ने बताया कि इंजिनियरिंग डेविल्स ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी करते हुए 17.4 ओवर में 10 विकेट पर 85 रन का स्कोर खड़ा किया। बल्लेबाज़ी में सचिन चौधरी ने 33 रन, अब्बुस खान ने 21 रन व सचिन कुमार ने 08 रन का उपयोगी योगदान दिया। सिक्योरिटी हंटर्स की ओर से गेंदबाजी करते हुए विश्वास यादव ने 02 विकेट व रामआशीष यादव ने 03 विकेट लिए।लक्ष्य का पीछा करने उतरी सिक्योरिटी हंटर्स की टीम ने 10.5 ओवर में 02 विकेट खो कर 86 रन बनाकर विजय प्राप्त की। रामआशीष यादव ने संघर्षपूर्ण पारी खेलते हुए 39 रन बनाए, जबकि आखिलेश यादव ने 23 रन और अमित सिंह ने 16 रन का योगदान दिया। इंजिनियरिंग डेविल्स की ओर से गेंदबाजी करते हुए रोहित व रामदेव ने 1-1 विकेट प्राप्त किया। निर्णायक मैच में सिक्योरिटी हंटर्स ने इंजिनियरिंग डेविल्स को 08 विकेट से पराजित किया।फाइनल मैच में शील्ड देने के उपरांत पुरस्कार वितरण समारोह के दौरान अपर मण्डल रेल प्रबन्धक श्रीमती नीतू (परिचालन) ने कहा कि दोनों टीमों के मध्य खेला गया फाइनल मैच बहुत ही रोमांचकारी था। उन्होने दोनों टीमों के विजेता और उपविजेता टीम के खिलाड़ियों को बधाई दी। सिक्योरिटी हंटर्स की ओर से शानदार बल्लेबाजी और गेंदबाजी के लिए रामआशीष यादव को प्लेयर ऑफ द मैच एवं टूर्नामेंट के प्लेयर आफ द सिरीज अत्ताउल्ला खान, बेस्ट बैट्स मैन मनीष झा तथा बेस्ट बोलर का पुरस्कार सिद्धांत सिंह को प्रदान किया गया।

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तीन रेलकर्मी संरक्षा सम्मान से नवाजे गए उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल, डीआरएम ने किया सम्मानित

खबर है..लखनऊ उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल में सुरक्षित सुरक्षित ट्रेन संचालन के लिए सोमवार को तीन रेल कर्मचारियों को संरक्षक सम्मान से नवाजा गया। उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के डीआरएम सुनील कुमार वर्मा ने कर्मचारियों को प्रोत्साहित करने के लिए ‘सेफ्टी अवार्ड’ प्रदान किए। सम्मानित किए गए कर्मचारियों में विनय कुमार गौड़ (पॉइंट्समैन/अयोध्या धाम जं.), शिवशंकर (गेटमैन/निहालगढ़) एवं कमलेश कुमार (लोको पायलट/रायबरेली) शामिल हैं।इन कर्मचारियों ने ड्यूटी के दौरान सतर्कता, समझदारी और साहस का परिचय देते हुए संभावित रेल दुर्घटनाओं को समय रहते टालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। संचालन के दौरान ट्रैक पर अवरोध या अन्य तकनीकी समस्या को देखते ही इन्होंने तुरंत आवश्यक कार्रवाई की, संबंधित अधिकारियों को सूचना दी और ट्रेनों का सुरक्षित संचालन किया।इस अवसर पर श्री वर्मा ने कहा कि “रेल संरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। जिन कर्मचारियों ने सतर्कता और जिम्मेदारी के साथ संभावित दुर्घटनाओं को टालने का कार्य किया है, वे वास्तव में प्रशंसा के पात्र हैं। ऐसे उदाहरण पूरे मंडल के लिए प्रेरणादायी हैं और हम सभी को संरक्षा के प्रति सदैव सजग रहने की सीख देते हैं।”इस मौके पर उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक रजनीश कुमार श्रीवास्तव मौजूद रहे।

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उत्कृष्ट परिवहन प्रबंधन के लिए उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल को मिला सम्मान

खबर है..लखनऊराजधानी के डिफेंस एक्सपो ग्राउंड में बीते साल 23 से 29 तक आयोजित 19वीं राष्ट्रीय स्काउट गाइड जंबूरी के दौरान देशभर से आए हजारों प्रतिभागियों के लिए सुरक्षित परिवहन की जिम्मेदारी उत्तर रेलवे, लखनऊ मंडल ने निभाई थी। इस विशाल आयोजन में विभिन्न राज्यों से आए स्काउट एवं गाइड प्रतिभागियों के आवागमन को सुनिश्चित करने में मंडल प्रशासन ने उत्कृष्ट कार्य किया। उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के डीआरएम सुनील कुमार वर्मा के नेतृत्व में सभी विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने बेहतर कार्ययोजना के तहत परिवहन व्यवस्था को क्रियान्वित किया। उत्कृष्ट कार्य के लिए शनिवार को बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय, साउथ सिटी, लखनऊ में आयोजित सम्मान समारोह में डॉ. महेंद्र सिंह, प्रदेश अध्यक्ष , स्काउट एंड गाइड, द्वारा उत्तर रेलवे , लखनऊ मण्डल को प्रशस्ति पत्र एवं शील्ड प्रदान कर सम्मानित किया गया।

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देशभर के सहकारिता मंत्री 17 फरवरी को जुटेंगे गांधीनगर में

खबर है..नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सहकार से समृद्धि’ विज़न को साकार करने की दिशा में और केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में सहकारिता मंत्रालय ने बीते वर्षों में सहकारी क्षेत्र को सशक्त, पारदर्शी और आधुनिक बनाने की दिशा में व्यापक एवं संरचनात्मक सुधार किए हैं। इसी दिशा में सहकारी समितियों को केवल संस्थागत ढांचे तक सीमित न रखकर उन्हें सदस्य-केंद्रित, आय-वर्धक और आत्मनिर्भर आर्थिक इकाइयों में रूपांतरित करने के उद्देश्य से मंगलवार 17 फरवरी 2026 को महात्मा मंदिर, गांधीनगर, गुजरात में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के सहकारिता मंत्रियों की उच्चस्तरीय मंथन बैठक आयोजित की जाएगी।बैठक में सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के सहकारिता मंत्री, अतिरिक्त मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/सचिव स्तर के अधिकारी भाग लेंगे। यह मंच सहकारिता मंत्रालय की प्रमुख पहलों की समीक्षा, अब तक हुई प्रगति का मूल्यांकन, तथा राज्यों के अनुभवों और श्रेष्ठ प्रक्रियाओं के आदान-प्रदान के माध्यम से भविष्य की समन्वित कार्ययोजना तैयार करने का अवसर प्रदान करेगा।बैठक में दो लाख नई बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों, डेयरी एवं मत्स्य सहकारी समितियों की स्थापना की प्रगति पर चर्चा होगी, ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति दी जा सके। मंथन बैठक में विश्व की सबसे बड़ी अनाज भंडारण योजना के अंतर्गत देशभर में आधुनिक गोदामों के नेटवर्क के विस्तार पर विचार किया जाएगा, जिससे किसानों को बेहतर भंडारण, मूल्य स्थिरता और बाज़ार तक सुगम पहुंच सुनिश्चित हो सके।इस बैठक में राष्ट्रीय स्तर की नई सहकारी संस्थाओं नेशनल कोऑपरेटिव एक्सपोर्ट लिमिटेड, नेशनल कोऑपरेटिव ऑर्गेनिक लिमिटेड तथा भारतीय बीज सहकारी समिति लिमिटेड, में राज्यों की सक्रिय भागीदारी, भूमिका और अपेक्षाओं पर भी विमर्श होगा, जिससे निर्यात, जैविक खेती और गुणवत्तापूर्ण बीज आपूर्ति के क्षेत्र में सहकारिता को नई पहचान मिल सके।इसके साथ ही, राज्यों के सहकारिता कानूनों में समयानुकूल सुधार, 97वें संविधान संशोधन के अनुरूप मॉडल अधिनियम को अपनाने, सहकारी गन्ना मिलों की आर्थिक व्यवहार्यता बढ़ाने, डेयरी क्षेत्र में सर्कुलरिटी एवं सस्टेनेबिलिटी को प्रोत्साहन देने, तथा अमूल और एनडीडीबी के सहयोग से नई डेयरी सहकारी समितियों के गठन जैसे विषयों पर भी चर्चा की जाएगी।दलहन एवं मक्का उत्पादन को बढ़ावा देने, सहकारी बैंकों से जुड़ी चुनौतियों के समाधान, साझा सेवा इकाई एवं अंब्रेला संरचना को सुदृढ़ करने, सदस्यता विस्तार एवं जागरूकता अभियान को मजबूत बनाने, और प्रभावी मीडिया-संचार रणनीति विकसित करने जैसे मुद्दे भी विचार-विमर्श का हिस्सा रहेंगे।यह मंथन बैठक सहकारी संघवाद की भावना को और सुदृढ़ करेगी तथा केंद्र और राज्यों के बीच निकट समन्वय स्थापित करते हुए सहकारिता को जमीनी स्तर पर समृद्धि, रोजगार और आत्मनिर्भरता का प्रभावी माध्यम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगी।

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