गरीब व मध्यम वर्ग को अच्छी और बेहतर अनुभव वाली सवारी देने की हर संभव कोशिश : रेलमंत्री

रेल दुर्घटनाओं में आई ऐतिहासिक कमी तथा रिकॉर्ड माल ढुलाई व विशेष ट्रेनों को चलाने के लिए रेल परिवार को दी बधाई खबर है..नई दिल्लीरेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि गरीब और मध्यम वर्ग को एक अच्छी सवारी तथा बेहतर अनुभव देना रेलवे की हर सम्भव कोशिश है। इस उद्देश्य के लिए हम सभी मिल कर काम करें। वैष्णव ने आज 3 अप्रैल को देश भर के अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक में ये आह्वान किया। ये बैठक रेल भवन, नई दिल्ली से की गई।रेल मंत्री ने रेल परिवार को पिछले वर्ष में अच्छा काम करने के लिए बधाई देते हुए, बैठक की शुरुआत की। साथ ही नए उत्साह के साथ, इस वर्ष काम करने के लिए अपनी नई प्राथमिकताएँ तय करने को भी कहा। उन्होंने कहा कि पिछले साल रेल दुर्घटनाओं में आई एतिहासिक कमी और रिकॉर्ड माल ढुलाई ने देश भर में रेलवे की छवि सुधारने का काम किया है। बड़ी संख्या में विशेष ट्रेन चलाकर त्यौहारों के दौरान रेल यात्रा की बढ़ी हुई माँग को भी बड़ी ही प्रभावी तरीके से अधिकारियों ने पूरा किया है।रेल मंत्री ने जोर देकर कहा कि रेलवे स्टेशन देश के लोगों के सामने हमारा चेहरा है। वो साफ़ सुथरे होने चाहिए। इस दिशा में देश भर के अधिकारियों को जी तोड़ मेहनत करनी चाहिए। अधिकारियों को प्रेरित करते हुए रेल मंत्री ने कहा कि रेलवे में पिछले एक दशक में आधुनिकीकरण के लिए एक रिकार्ड आवंटन हुआ है। रेल मंत्री ने कहा कि लोगों की आजीविका से जुड़े इस संवेदनशील मामले को एक मानवीय दृष्टिकोण से हल किया जाना आवश्यक है। देश के कई शहरी इलाकों में ये एक बड़ी समस्या है, जिसका समयबद्ध तरीके से निदान जरूरी है। अपनी पिछली बैठक में देश भर में भूमिगत रेल पुलियाएँ बनाने के निर्णय पर भी आज की बैठक में महत्वपूर्ण चर्चा हुई। ये तय किया गया कि रेलवे पटरियों को पार करने के लिए अब जहाँ तक हो सके भूमिगत पुलियाएँ ही बनाई जाएँ। धीरे-धीरे हम रेलवे फुटओवर पुलों को कम बनाएँ, बैठक में चर्चा के दौरान ये महसूस किया गया। रेल मंत्री ने कहा, भले ही रेलवे स्टेशन हो या फिर स्टेशन परिसर के बाहर की पटरियाँ, दोनों में ही पहली कोशिश भूमिगत सुविधाजनक पुलिया बनाने की होनी चाहिए।

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चंचल कुमार ने सूचना एवं प्रसारण सचिव का कार्यभार संभाला

खबर है..नई दिल्लीभारतीय प्रशासनिक सेवा के 1992 बैच के बिहार कैडर के अधिकारी चंचल कुमार ने 1 अप्रैल 2026 को सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के सचिव का कार्यभार संभाल लिया। चंचल कुमार के कार्यभार ग्रहण करने के अवसर पर निवर्तमान सचिव श्री संजय जाजू और मंत्रालय तथा विभिन्न मीडिया इकाइयों के अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। संजय जाजू को अब पूर्वोत्‍तर क्षेत्र विकास मंत्रालय के सचिव का कार्यभार सौंपा गया है।इससे पहले कुमार पूर्वोत्‍तर क्षेत्र विकास मंत्रालय और नागर विमानन मंत्रालय में सचिव रहे हैं और भारत सरकार में कई वरिष्ठ पदों पर सेवाएं दे चुके हैं। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग एवं अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक के रूप में भी कार्य किया है, जहां रणनीतिक राजमार्गों और ढांचागत परियोजनाओं में उनका विशिष्‍ट योगदान रहा है।बिहार सरकार में कई जिलों में जिला मजिस्ट्रेट रहने के अलावा वे मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव और मुख्यमंत्री के सचिव सहित कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत रहे। चंचल कुमार ने आईआईटी कानपुर से बी.टेक और एम.टेक की डिग्री और पटना विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में पीएचडी की उपाधि प्राप्त की है, जो उनके प्रशासनिक करियर में सुदृढ़ अकादमिक और नीतिगत पृष्ठभूमि प्रदान करती है।

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असम, केरल और पुद्दुचेरी विस चुनाव के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षकों के साथ समीक्षा बैठक

मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने सहयोगी निर्वाचन आयुक्तों के साथ समीक्षा बैठक की 282 केंद्रीय पर्यवेक्षकों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग माध्यम से ब्रीफिंग में भाग लिया खबर है..नई दिल्लीमुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने चुनाव आयुक्त डॉ. एस.एस. संधू और डॉ. विवेक जोशी के साथ 9 अप्रैल, 2026 को विधानसभा चुनाव कराए जाने वाले राज्‍यों – असम, केरल और केंद्र शासित प्रदेश पुद्दुचेरी में तैनात केंद्रीय पर्यवेक्षकों (सामान्य, पुलिस, व्यय) के साथ आज समीक्षा बैठक की।असम, केरल और पुद्दुचेरी के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों सहित कुल 282 केंद्रीय पर्यवेक्षकों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग माध्यम से ब्रीफिंग में भाग लिया ।आयोग ने पर्यवेक्षकों को सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष तथा किसी भी प्रकार की धमकी, हिंसा और प्रलोभन से मुक्त उत्‍साहपूर्ण माहौल में हो।आयोग ने आदर्श आचार संहिता का कड़ाई से पालन और इसके उल्लंघन की किसी भी शिकायत के मामले में त्वरित कार्रवाई पर जोर दिया। पर्यवेक्षकों से कहा गया कि वे अपने संपर्क नंबर–लोगों/राजनीतिक दलों/उम्मीदवारों या उनके प्रतिनिधियों से शिकायतें सुनने के स्थान और समय के लिए सार्वजनिक रूप से प्रचारित करें।उन्हें यह भी निर्देश दिया गया कि वे इस बात की निगरानी करें कि पीठासीन अधिकारियों का प्रशिक्षण भलीभांति हुआ है या नहीं, जिसमें ईसीआईएनईटी के मतदाता मतदान मॉड्यूल पर प्रत्येक 2 घंटे और मतदान समाप्‍त होने के समय मतदान और अन्य डेटा समय पर भरना, अमिट स्याही का उचित उपयोग, फॉर्म 17-सी भरना और मतदान समाप्‍त होने के समय उपस्थित मतदान एजेंटों के साथ इसे साझा करना, अभ्‍यास के लिए इस्‍तेमाल मतदान डेटा हटाने आदि पर विशेष जोर हो।पर्यवेक्षकों को यह भी निर्देश दिया गया कि वे सभी मतदान केंद्रों पर न्यूनतम आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करें, जिनमें मोबाइल फोन जमा करने की सुविधा और मतदाताओं के कतारों में बैठने के लिए बेंच शामिल हो। वेबकास्टिंग, मॉनिटरिंग कंट्रोल रूम की व्यवस्थाओं की ठीक से जांच की जानी चाहिए और वहां निगरानी में तैनात सभी कर्मचारियों की उपस्थिति में एक परीक्षण अभ्‍यास चलाया जाए, जो त्रुटियों की पहचान करने और यदि कोई त्रुटि हो तो उसे चिह्नित करने में अच्छी तरह प्रशिक्षित हों।

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सहकार टैक्सी और दिल्ली पुलिस के बीच समझौते से मिलेगा परिचालन का फ्रेमवर्क

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने दी राज्यसभा में जानकारी खबर है..नई दिल्लीदिल्ली के 21 स्थानों पर स्थित 34 प्री-पेड टैक्सी बूथों के प्रबंधन और डिजिटल एकीकरण के लिए एक सहयोगात्मक फ्रेमवर्क स्थापित करने के लिए 4 फरवरी 2026 को सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड (एसटीसीएल) और दिल्ली यातायात पुलिस के बीच एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए थे।यह जानकारी केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी। समझौता ज्ञापन (एमओयू) एक स्पष्ट परिचालन फ्रेमवर्क प्रदान करता है, जिसमें: दिल्ली यातायात पुलिस प्री-पेड बूथों के प्रबंधन और संचालन, बूथ कर्मचारियों की भर्ती, चालक सत्यापन और नियंत्रण कक्ष तंत्र की स्थापना सहित यात्री सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उत्तरदायी है।एसटीसीएल डिजिटल एकीकरण, वित्तीय प्रबंधन, कर्मचारियों के वेतन का भुगतान सहित , बूथों के रखरखाव, और ब्रांडिंग/विपणन कार्यकलापों के लिए उत्तरदायी है।इस समझौते का उद्देश्य डिजिटल सक्षमता के माध्यम से मौजूदा प्रीपेड टैक्सी प्रणाली का आधुनिकीकरण करते हुए सुरक्षा, पारदर्शिता, यात्रियों की सुगमता और चालक की आय में वृद्धि करना है । भारत टैक्सी ने इन बूथों पर मौजूदा पात्र जनशक्ति को प्रशिक्षित करने और उन्हें नियोजित करने के साथ-साथ अतिरिक्त कर्मियों को काम पर रखा है।सहकारी फ्रेमवर्क के भीतर भर्ती प्रचालनात्मक आवश्यकताओं और सेवाओं के चरणबद्ध विस्तार के अनुसार की जाती है। सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड (एसटीसीएल) अपनी अनुमोदित संगठनात्मक संरचना और व्यावसायिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए, समय-समय पर नियोजित कर्मियों की संख्या का निर्धारण करता है। दिनांक 23 मार्च, 2026 की स्थिति के अनुसार इस प्लेटफॉर्म पर सहायता और परिचालन संबंधी भूमिकाओं में लगभग 130 कर्मियों को नियोजित किया गया है।

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