मदन मोहन शर्मा की कलाकृतियां से रूबरू होने का मौका मिलेगा भारत मंडपम में

फल और फूलों के अवशेषों से बनी उनकी कलाकृतियां ‘द हार्ट आफ आर्ट’ प्रदर्शनी में 20-22 मार्च तक होगी प्रदर्शित खबर है..नई दिल्ली ओशिबाना कला के प्रेमी प्रतिभावान कलाकार मदन मोहन शर्मा की कलाकृतियों से रूबरू होने का पहली बार मौका भारत मंडपम में मिलने वाला है। उनकी कलाकृतियां कला प्रदर्शनी श्रृंखला ‘द हार्ट आफ आर्ट’ में प्रदर्शित की जाएंगी, जो कि 20-22 मार्च तक आयोजित होगी।गौरतलब है कि ओशिबाना कला के बारे में बहुत सारे लोग नहीं जानते होंगे, लेकिन जिन्हें प्रकृति के खूबसूरत उपहार फूल, पत्तियों और वनस्पतियों से प्यार होता है वे उन्हें सहेजने में जरा भी संकोच नहीं करते हैं। हालांकि ओशिबाना फूल, पत्तियों और अन्य वानस्पतिक सामग्री को समेटकर, सुंदर और सजीव कलात्मक चित्र बनाने की एक जापानी पारंपरिक कला है। इस कला को अपनी हुनरमंद उंगलियों से उकेरने वाले सिद्धहस्त कलाकार मदन मोहन शर्मा हमारे बीच नहीं रहे हैं, किंतु उनकी कलाकृतियां आज भी जीवंत है।उन्होंने अपने जीवनकाल में पूरी सादगी और तन्मयता के साथ फूल और फलों के अवशेषों को सहेज कर उनसे शानदार कलाकृतियां बनाई, जिनमें प्रमुख रूप से अयोध्या का राम मंदिर और बिहार का सूर्य मंदिर शामिल है। उनकी दर्जनों कलाकृतियां यह बताने को पर्याप्त है कि उन्हें ओशिबाना कला के प्रति सिर्फ शौक नहीं था बल्कि उनका दिली लगाव था। उनकी तमाम कलाकृतियों से रूबरू होने का पहला अवसर उन कला प्रेमियों को भारत मंडपम मेंमिलने जा रहा है। उनकी उन तमाम कलाकृतियों को पहली बार लोगों के बीच लाने का संकल्प उनके परिवार के सदस्यों ने लिया है। बताया जाता है कि स्वर्गीय मदन मोहन शर्मा अपनी इन कलाकृतियों को लेकर कभी व्यावसायिक सोच नहीं रखते थे बल्कि उन्हें जब भी घर में थोड़ा सा भी वक्त मिलता था तो फल और फूलों के अवशेष से कलाकृतियां बनाने में जुट जाते थे। इसका प्रत्यक्ष प्रमाण कला प्रदर्शनी में उनकी ऐसी बहुत सी कलाकृतियां देखने को मिलेंगी जो शायद किसी कलाकार के लिए बनाना भी दुर्लभ होगा।

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मध्य पूर्व में उथल-पुथल की स्थिति के बीच भारत के पास पेट्रोलियम उत्पादों का पर्याप्त भंडार : पुरी

स्टॉक पर नजर रखने के लिए 24/7 नियंत्रण कक्ष स्थापित खबर है..नई दिल्ली मध्य पूर्व में उथल-पुथल की स्थिति और वैश्विक ऊर्जा स्थिति में हो रहे बदलावों के बीच भारत पेट्रोलियम उत्पादों को लेकर मजबूत स्थिति में है भारत के पास पेट्रोलियम उत्पादों का पर्याप्त भंडार है। पेट्रोलियम एवं नेचुरल गैस मंत्रालय ने देश भर में पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति और स्टॉक की स्थिति पर लगातार नज़र रखने के लिए मंत्रालय ने 24×7 नियंत्रण कक्ष स्थापित किया है।पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने मौजूदा परिस्थितियों में देश की तैयारियों के बारे में मीडिया को अवगत कराया। उन्होंने बताया कि वर्तमान में, सरकार के पास पर्याप्त स्टॉक है। भारतीय उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। लगातार निगरानी के आधार पर, सरकार को उम्मीद है कि यदि आवश्यक हुआ तो स्थिति को और सुधारने के लिए चरणबद्ध तरीके अपनाए जा सकते हैं।भारत वैश्विक स्तर पर पेट्रोलियम उत्पादों का तीसरा सबसे बड़ा आयातक, चौथा सबसे बड़ा शोधक और पांचवां सबसे बड़ा निर्यातक है। देश में कच्चे तेल और पेट्रोल, डीजल और एटीएफ सहित प्रमुख पेट्रोलियम उत्पादों का पर्याप्त भंडार है, जिससे मध्य पूर्व से उत्पन्न होने वाली अल्पकालिक समस्याओं का निदान किया जा सके।यह भी बताया गया कि पिछले कुछ वर्षों में भारत ने ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाकर अपनी आबादी के लिए ऊर्जा की उपलब्धता और सामर्थ्य सुनिश्चित की है। भारतीय ऊर्जा कंपनियों के पास अब ऐसे ऊर्जा स्रोतों तक पहुंच है जो होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर नहीं गुजरते। ऐसे कार्गो उपलब्ध रहेंगे और होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने के दौरान आपूर्ति में अस्थायी रूप से होने वाली रुकावटों को दूर करने में मदद करेंगे।

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प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना में यूपी में रिकॉर्ड इंस्टॉलेशन

खबर है..लखनऊ प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के चलते उत्तर प्रदेश सौर ऊर्जा विस्तार का अग्रणी राज्य बनकर उभरा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में रूफटॉप सोलर को जन-आंदोलन का रूप देते हुए प्रदेश ने ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। राष्ट्रीय पोर्टल के अनुसार राज्य में अब तक 11,64,038 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 3,93,293 रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन पूर्ण हो चुके हैं। इसके माध्यम से 3,98,002 परिवार सीधे लाभान्वित हुए हैं। प्रदेश में कुल स्थापित सौर क्षमता 1,343.5 मेगावाट तक पहुंच चुकी है।₹3,500 करोड़ से अधिक की सब्सिडी हस्तांतरित :प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के माध्यम से उत्तर प्रदेश न केवल स्वच्छ ऊर्जा अपनाने में अग्रणी बन रहा है। इस योजना के अंतर्गत ₹2,663.57 करोड़ की केंद्रीय सरकार की सब्सिडी तथा लगभग ₹920 करोड़ की राज्य सरकार की सब्सिडी लाभार्थियों के खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से सीधे हस्तांतरित की गई है। उत्तर प्रदेश जुलाई 2025 से लगातार देश में इंस्टॉलेशन के मामले में शीर्ष दो राज्यों में बना हुआ है, जो राज्य की निरंतर प्रगति और मजबूत क्रियान्वयन क्षमता को दर्शाता है।रिकॉर्ड 35,804 रूफटॉप सोलर प्लांट स्थापित :यूपीनेडा के निदेशक इंद्रजीत सिंह ने बताया कि फरवरी माह 2026 में उत्तर प्रदेश के लिए सौर ऊर्जा क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धियों का माह साबित हुआ। इस एक माह के भीतर रिकॉर्ड 35,804 रूफटॉप सोलर प्लांट स्थापित किए गए। साथ ही 28 फरवरी 2026 को एक ही दिन में 2,211 इंस्टॉलेशन कर उत्तर प्रदेश ने पूरे भारत में किसी भी राज्य द्वारा एक दिन में किए गए सर्वाधिक रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन का राष्ट्रीय रिकॉर्ड स्थापित किया। यह उपलब्धि राज्य की तीव्र कार्यक्षमता और मिशन मोड में चल रहे क्रियान्वयन का प्रमाण है।

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राष्ट्रपति ‘सशक्त नारी, समृद्ध दिल्ली’ कार्यक्रम में हुईं शामिल

एक महिला तभी सशक्त होगी जब वह स्वतंत्र निर्णय ले सके : मुर्मु खबर है..नई दिल्ली राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 2 मार्च, 2026 को दिल्ली में आयोजित ‘सशक्त नारी, समृद्ध दिल्ली’ कार्यक्रम में भाग लिया और इस अवसर पर उपस्थित लोगों को संबोधित किया। इस कार्यक्रम का आयोजन दिल्ली सरकार द्वारा किया गया था।राष्ट्रपति ने इस अवसर पर अपने संबोधन में कहा कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं। सैनिक के रूप में वे देश की सीमाओं की रक्षा कर रही हैं। वैज्ञानिक के रूप में वे प्रयोगशालाओं में शोध कर रही हैं। खेल-प्रतियोगिताओं में वे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत का नाम रोशन कर रही हैं। राजनीति, सामाजिक सेवा, प्रशासन और व्यापार जैसे सभी क्षेत्रों में आज महिलाएं नई ऊंचाइयों को छू रही हैं। राष्ट्रपति ने कहा कि देशभर में दीक्षांत समारोहों में डिग्री और पदक प्राप्त करने वाली छात्राओं की बढ़ती संख्या एक प्रेरणादायक तस्वीर प्रस्तुत करती है। हालांकि यह भी एक सच्चाई है कि महिलाओं को आज भी हिंसा, आर्थिक असमानता, सामाजिक रूढ़िवादिता और स्वास्थ्य संबंधी उपेक्षा का सामना करना पड़ता है। महिला सशक्तिकरण का लक्ष्य इन बाधाओं को दूर करके ही प्राप्त किया जा सकता है। एक महिला सशक्त तभी होगी जब वह स्वतंत्र निर्णय ले सके, आत्मसम्मान से जी सके और उसे समान अवसर व सुरक्षा मिले। एक सशक्त महिला न केवल अपना जीवन बदल सकती है, बल्कि समाज और आने वाली पीढ़ियों की दिशा भी बदल सकती है। राष्ट्रपति ने कहा कि भारत सरकार ने महिला सशक्तिकरण के लिए कई कदम उठाए हैं। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना शिक्षा और लड़कियों की सुरक्षा को बढ़ावा दे रही है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना लाखों महिलाओं को धुएं से मुक्ति दिलाकर उनके स्वास्थ्य की रक्षा कर रही है। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना महिलाओं को स्वरोजगार के लिए ऋण उपलब्ध करा रही है। लखपति दीदी योजना जैसी पहल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के अवसर प्रदान कर रही हैं। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना जैसी पहल महिलाओं के स्वास्थ्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। राष्ट्रपति ने कहा कि इन सभी प्रयासों से महिलाओं की सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक स्थिति में सुधार हो रहा है। हालांकि हमें यह याद रखना चाहिए कि महिला सशक्तिकरण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है। यह समाज के प्रत्येक सदस्य और संस्था की जिम्मेदारी है। महिलाओं को शिक्षित करना, उनका आत्मविश्वास बढ़ाना और उन्हें प्रोत्साहन एवं सहायता प्रदान करना हमारा कर्तव्य है। हमें महिलाओं को आश्वस्त करना चाहिए कि वे सपने देख सकती हैं और उन्हें साकार कर सकती हैं और हम उनके सपनों को साकार करने में उनके साथ खड़े हैं।

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अलीगढ़ के आरटीओ, एआरटीओ समेत तीन निलंबित

शनिवार को अलीगढ़ में स्कूल बस का फर्श टूटने से एक बच्ची की हो गई थी मौत खबर है..लखनऊ परिवहन विभाग के जिम्मेदारों की अनदेखी से शनिवार को अलीगढ़ में स्कूल बस फर्श टूटने से एक लड़की की गिरकर मौत हो गई थी। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह के निर्देश पर शासन ने कड़ी कार्रवाई करते हुए रविवार को चम्पालाल तत्कालीन सम्भागीय निरीक्षक (प्राविधिक) अलीगढ़, सम्प्रति सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन/प्रवर्तन) सिद्धार्थनगर, श्रीमती बन्दना सिंह, सम्भागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन), अलीगढ़ को तत्काल प्रभाव से निलम्बित कर दिया है। इस सम्बन्ध में अपर मुख्य सचिव परिवहन श्रीमती अर्चना अग्रवाल ने आदेश जारी किए गए हैं।परिवहन आयुक्त श्रीमती किंजल सिंह ने बताया कि शनिवार को जनपद अलीगढ़ सीमा से सटे कासगंज के ग्राम-नगला साधु में स्कूल बस संख्या- यूपी-81 बीटी-8873 का फर्श टूटने से एक बच्ची की सड़क पर गिरने एवं टायर चढ़ जाने के कारण मृत्यु हो गयी। उक्त वाहन अलीगढ़ दादो अवस्थित माउण्ट देवा इण्टरनेशनल स्कूल में संचालित हो रही थी, जिसका बीमा एवं परमिट की वैधता समाप्त हो चुकी थी।उक्त दुर्घटना का संज्ञान लेते हुए उप परिवहन आयुक्त (परिक्षेत्र), आगरा, सम्भागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन), अलीगढ़, सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन/प्रवर्तन), अलीगढ़, सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन/प्रवर्तन), कासगंज, यात्रीकर अधिकारी, अलीगढ़ से 03 दिवस में स्पष्टीकरण देने हेतु निर्देशित किया गया था। उक्त प्रकरण में चम्पालाल तत्कालीन सम्भागीय निरीक्षक (प्राविधिक) अलीगढ़, सम्प्रति सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन/प्रवर्तन) सिद्धार्थनगर, शासकीय कार्यों में उदासीनता व शिथिलता के दृष्टिगत निलम्बित किया गया है। इसके अतिरिक्त श्रीमती बन्दना सिंह, सम्भागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन), अलीगढ़ को शासकीय कार्यों में शिथिलता व पर्यवेक्षणीय दायित्वों का निर्वहन न करने के दृष्टिगत निलम्बित किया गया है। साथ ही साथ स्कूल प्रबन्धन के विरुद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट पंजीकृत करने हेतु तहरीर दी गयी है।श्री सिंह ने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्पष्ट निर्देश है कि समस्त क्षेत्रीय अधिकारियों को अपने-अपने जनपदों में त्योहार के दृष्टिगत लगातार भ्रमण पर रहे। साथ ही साथ मुख्यालय पर सड़क दुर्घटनाओं की त्वरित सूचना प्राप्त करने एवं आम जनमानस के सुगम परिवहन के दृष्टिगत कंट्रोल रूम स्थापित करते हुए चक्रानुक्रम में अधिकारियों/कर्मचारियों की ड्यूटी भी लगायी गयी है।

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मुकदमेबाजी के कुशल और प्रभावी प्रबंधन पर सम्मेलन आयोजित

खबर है..नई दिल्ली केंद्रीय सचिवों और विधि विभाग के विधि अधिकारियों का राष्ट्रीय सम्मेलन 28 फरवरी 2026 को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित किया गया। इसका विषय था “सरकारी मुकदमेबाजी के कुशल और प्रभावी मैनेजमेंट”। सम्मेलन में सचिवों, वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों, विधि विभाग के विधि अधिकारियों और विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों ने मुकदमेबाजी की परिपाटियों को मजबूत करने और संस्थागत दक्षता बढ़ाने पर विचार-विमर्श किया।इस कार्यक्रम में कानून और न्याय मंत्रालय के केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल; कैबिनेट सचिव डॉ. टी.वी. सोमनाथन; भारत के अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणी; भारत के सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता; न्याय विभाग के सचिव डॉ. नीरज वर्मा; और विधि कार्य विभाग के सचिव डॉ. राजीव मणि उपस्थित रहे।सम्मेलन में चार मुख्य विषयों पर मुकदमेबाजी के हालात पर चर्चा हुई: सर्विस, पेंशन और रोज़गार के मामले; अवसंरचना, मुआवज़ा और अनुबंध से जुड़े विवाद; राजकोषीय, कराधान और राजस्व के मामले; और विनियामक, प्रवर्तन और अनुपालन से जुड़ी मुकदमेबाजी। चर्चा में शामिल लोगों ने मुख्य चुनौतियों पर ध्यान दिया। इनमें शामिल हैं – कानूनी स्थिति को एक जैसा लागू न करने के कारण बार-बार सर्विस लिटिगेशन, काउंटर एफिडेविट फाइल करने से पहले सही सलाह-मशविरा न करना, अलग-अलग मंत्रालयों द्वारा अलग-अलग राय लेना, विभाग और पैनल काउंसल के बीच तालमेल की कमी, और सोचे-समझे नीतिगत फैसले के बजाय डिफ़ॉल्ट रिएक्शन के तौर पर अपील फाइल करने की आदत।अवसंरचना और मुआवज़े के मामलों में, ज़मीन के मुआवज़े के बढ़ते मुकदमे और ब्याज की देनदारियों, आर्बिट्रेशन अवॉर्ड में आम चुनौतियों, अवसंरचना अनुबंध में तकनीकी मुश्किलों की वजह से कानूनी जांच ठीक से नहीं हो पाना, तकनीकी डिवीज़न और लीगल टीमों के बीच तालमेल का ठीक से न होना, और एडीआर और मुकदमे से पहले की मध्यस्थता का कम इस्तेमाल होने जैसी चिंताएं प्रकट की गईं।बातचीत का मुख्य ज़ोर मज़बूत फ़िल्टरिंग, बेहतर तालमेल और जल्दी विवाद सुलझाने के ज़रिए टाले जा सकने वाले मुकदमों और मुकदमों को फ़ाइल करने में देरी को कम करने पर था। सम्मेलन ने सर्विस और दूसरे मामलों में अपील-फ़िल्टरिंग के साफ़ क्राइटेरिया, मुकदमों को तालमेल से संभालने के लिए हर विभाग में निर्दिष्ट अधिकारी को नामित करने, और अदालत के फ़ैसलों को समय पर लागू करने के लिए व्यवस्था बनाने की सलाह दी, ताकि बार-बार होने वाले और कंटेम्प्ट वाले मुकदमों को कम किया जा सके। ज़रूरी और नीतिगत-संवेदनशील मामलों के लिए विधि कार्य विभाग और विधि विभाग के विधि अधिकारियों के साथ करीबी और व्यवस्थित तालमेल पर ज़ोर दिया गया, ताकि सभी मंत्रालयों में एक जैसी कानूनी राय बनाई जा सके।सम्मेलन में विशेष रूप से ज़मीन और अवसंरचना के झगड़ों के लिए अवसंरचना, मुआवज़े और अनुबंध वाले मुकदमों के लिए स्ट्रक्चर्ड प्री-लिटिगेशन एडीआर को संस्थागत बनाने का समर्थन किया गया। मुआवज़े के मामलों में व्यवस्थित सेटलमेंट का समर्थन किया गया ताकि लंबी कोर्ट लड़ाइयों से बचा जा सके।कुल मिलाकर, सम्मेलन ने ज़िम्मेदार और अनुशासित मुकदमेबाजी के लिए भारत सरकार की प्रतिबद्धता की फिर से पुष्टि की। इसमें टाले जा सकने वाले मामलों को कम करने, समय पर फाइलिंग और कार्यान्वयन सुनिश्चित करने, और विकसित भारत@2047 के लक्ष्यों को पाने के लिए बिज़नेस करने में आसानी और सरकारी प्रक्रिया में नागरिकों का भरोसा बढ़ाने के लिए वैकल्पिक विवाद समाधान प्रक्रिया को मज़बूत करने पर ध्यान दिया गया।

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प्रधानमंत्री ने देश का पहला सेमीकंडक्टर प्लांट का शुभारंभ कर किया ऐतिहासिक कार्य

गुजरात को रेलवे क्षेत्र में रिकॉर्ड ₹17,366 करोड़ का बजट आवंटन खबर है..गांधीनगर रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 28 फरवरी और 01 मार्च 2026 को गुजरात का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने गांधीनगर स्थित गुजरात सेमीकंडक्टर कॉन्फ्रेंस 2026 में मीडिया को संबोधित किया।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के औद्योगिक इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ते हुए देश के पहले सेमीकंडक्टर प्लांट का उद्घाटन किया है। भारत में सेमीकंडक्टर उद्योग स्थापित करने का जो संकल्प लिया गया था, वह अब साकार हो रहा है।उन्होंने बताया कि स्वीकृत 10 सेमीकंडक्टर प्लांट्स में से चार का उद्घाटन एवं उत्पादन वर्ष 2026 में प्रस्तावित है, जिनमें से एक का शुभारंभ हो चुका है तथा तीन अन्य इसी वर्ष प्रारंभ होंगे। अन्य परियोजनाओं पर भी तीव्र गति से कार्य जारी है।धोलेरा में टाटा फैब सहित विकसित हो रहा सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम देश के लिए मील का पत्थर सिद्ध होगा। इस दिशा में राज्य सरकार के नेतृत्व में किए जा रहे प्रयासों के लिए माननीय मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल का विशेष आभार व्यक्त किया गया। रेलवे क्षेत्र में अभूतपूर्व निवेश : मंत्री ने बताया कि भारतीय रेलवे द्वारा इस वर्ष गुजरात को रेलवे क्षेत्र में रिकॉर्ड ₹17,366 करोड़ का बजट आवंटित किया गया है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2009–14 के दौरान राज्य को औसतन केवल ₹589 करोड़ प्रतिवर्ष का बजट मिलता था। वर्तमान में राज्य में ₹1,28,748 करोड़ की लागत से विभिन्न रेलवे परियोजनाओं पर कार्य प्रगति पर है। राज्य के 87 रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है, जिनमें से 20 स्टेशन पूर्ण हो चुके हैं। अहमदाबाद, सूरत, उधना और सोमनाथ सहित अनेक प्रमुख स्टेशनों पर तीव्र गति से कार्य चल रहा है।बुलेट ट्रेन परियोजना में तीव्र प्रगति, 2027 तक संचालन लक्ष्य : मुंबई–अहमदाबाद हाई स्पीड रेल (बुलेट ट्रेन) परियोजना में उल्लेखनीय प्रगति हो रही है। परियोजना पूर्ण होने के बाद मुंबई और अहमदाबाद के बीच यात्रा समय घटकर मात्र 1 घंटा 57 मिनट रह जाएगा la

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