अयोध्या में राम भक्तों का अभिनंदन करेगा ‘भरत द्वार’

खबर है..अयोध्या अयोध्या आने वाले राम भक्तों के स्वागत के लिए भव्य भरत द्वार का निर्माण कार्य तेज़ी से जारी है। यह योगी सरकार की महत्वपूर्ण परियोजनाओं में से एक है, जिसे अयोध्या–सुल्तानपुर मार्ग स्थित मैनुदीनपुर–प्रयागराज मार्ग पर गेट कॉम्प्लेक्स (टीएफसी क्षेत्र) में विकसित किया जा रहा है। पर्यटन विभाग की इस महत्वाकांक्षी योजना का निर्माण कार्य यूपी प्रोजेक्ट्स कॉरपोरेशन लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है।भरत द्वार का निर्माण 4.410 हेक्टेयर क्षेत्रफल में किया जा रहा है, जिस पर लगभग 2024.90 लाख रुपये की लागत आ रही है। वर्तमान में परियोजना का 90 प्रतिशत से अधिक कार्य पूर्ण हो चुका है। यूपी प्रोजेक्ट्स कॉरपोरेशन लिमिटेड के परियोजना प्रबंधक मनोज कुमार शर्मा ने बताया कि सभी शेष निर्माण कार्यों को फरवरी 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है और इसी माह इसके लोकार्पण की संभावना है।यह द्वार अयोध्या में प्रवेश करने वाले श्रद्धालुओं के लिए प्रथम स्वागत स्थल के रूप में कार्य करेगा, जहां भगवान श्रीराम के छोटे भाई भरत की भक्ति और मर्यादा का प्रतीकात्मक दर्शन होगा।छह मार्गों पर रामायण से प्रेरित भव्य द्वारराम मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा के बाद अयोध्या को विश्वस्तरीय पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से योगी सरकार द्वारा कई योजनाएं शुरू की गई हैं। इनमें अयोध्या से जुड़ने वाले छह प्रमुख मार्गों पर रामायण से प्रेरित भव्य प्रवेश द्वारों का निर्माण शामिल है। इन द्वारों में राम द्वार, लक्ष्मण द्वार, शत्रुघ्न द्वार, भरत द्वार, सीता द्वार और हनुमान द्वार शामिल हैं। अयोध्या–सुल्तानपुर मार्ग पर स्थित भरत द्वार इस श्रृंखला का महत्वपूर्ण हिस्सा है। द्वार में रामायण काल की थीम पर आधारित मूर्तियां, कलात्मक नक्काशी, आकर्षक प्रकाश व्यवस्था और अन्य सुविधाएं विकसित की जा रही हैं, जो श्रद्धालुओं को त्रेता युग की अनुभूति कराएंगी।प्राण-प्रतिष्ठा के बाद बढ़ी श्रद्धालुओं की संख्याराम जन्मभूमि मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठा के बाद अयोध्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या में ऐतिहासिक वृद्धि हुई है। प्रतिदिन लाखों राम भक्त दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। ऐसे में भव्य प्रवेश द्वार न केवल शहर की सुंदरता बढ़ाएंगे, बल्कि यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के साथ पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देंगे। भरत द्वार इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।आसपास विकसित हो रही हैं बुनियादी सुविधाएंपर्यटन विभाग की इस परियोजना में स्थानीय कारीगरों, वास्तुकारों और इंजीनियरों की सहभागिता सुनिश्चित की गई है, जिससे पारंपरिक भारतीय शिल्पकला और आधुनिक तकनीक का सुंदर समन्वय देखने को मिलेगा। मैनुदीनपुर–प्रयागराज मार्ग क्षेत्र में चल रहे निर्माण कार्य से आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर भी बढ़े हैं।इसके साथ ही द्वार के आसपास हरित क्षेत्र, पार्किंग, शौचालय और अन्य बुनियादी सुविधाएं भी विकसित की जा रही हैं, ताकि श्रद्धालुओं को सुगम और सुविधाजनक यात्रा का अनुभव मिल सके।अब तक हुए और शेष कार्यपरियोजना के तहत दो गेट, सड़क, सीवर, ड्रेनेज, सिंचाई लाइन, रेनवाटर हार्वेस्टिंग, बाउंड्री वॉल, फायर फाइटिंग सिस्टम और ईएसएस का कार्य पूर्ण हो चुका है।वहीं एसटीपी का 85 प्रतिशत, यूजीटी का 90 प्रतिशत, पार्किंग का 80 प्रतिशत और आंतरिक विद्युतीकरण का 70 प्रतिशत कार्य पूरा किया जा चुका है।

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जीवन को बचाना है तो सड़क सुरक्षा का नियम का पालन जरूरी : पाण्डेय

खबर है..लखनऊसंभागीय परिवहन अधिकारी (आरटीओ) प्रवर्तन प्रभात पाण्डेय ने कहा कि जिस तरह से शिक्षा के बिना अब जीवन व्यर्थ लगता है, उसी तरह जीवन को बचाए रखने के लिए सड़क सुरक्षा के नियमों की जानकारी और उनका पालन करना जरूरी है ।श्री पाण्डेय बृहस्पतिवार को सड़क सुरक्षा माह के तहत नेताजी सुभाष चंद्र बोस राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय, अलीगंज में आयोजित सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर मंडल स्तरीय विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया । कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप उन्होंने कहा कि दुर्भाग्य से अगर कोई छात्र दुर्घटना का शिकार हो जाता है उससे उसका पूरा कैरियर नष्ट हो सकता है। गौरतलब है कि शासन के निर्देशानुसार प्रत्येक जिले में एक नोडल अधिकारी नियुक्त करते हुए जिला स्तर पर भाषण, नुक्कड़ नाटक तथा रील मेकिंग प्रतियोगिता कराई गईं थीं । जिलों में उक्त प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को आज मंडल स्तर पर अपनी प्रतिभा को प्रदर्शित करने का मौका मिला ।इस प्रतियोगिता में संभागीय परिवहन अधिकारी प्रभात पाण्डेय, मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में पी टी ओ लखनऊ एस पी देव उपस्थित थे। । विशिष्ट अतिथि एस0पी0 देव ने भी सड़क सुरक्षा के प्रति लोगों को जागरूक किया। प्राचार्य तथा मंडल नोडल प्रभारी प्रोफेसर रश्मि बिश्नोई ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा कि सड़क सुरक्षा से संबंधित नियमों को जानना अत्यंत आवश्यक हैं ।कार्यक्रम का संचालन महाविद्यालय नोडल अधिकारी डाक्टर श्रद्धा द्विवेदी ने किया । उन्होंने सड़क सुरक्षा से संबंधित शपथ भी दिलाई ।सर्वप्रथम भाषण प्रतियोगिता का आयोजन डाक्टर विशाल प्रताप सिंह के संयोजकत्व में हुआ जबकि रील मेकिंग प्रतियोगिता का संयोजन डॉक्टर राहुल पटेल तथा नुक्कड़ नाटक प्रतियोगिता का संयोजन लेफ्टिनेंट प्रतिमा शर्मा ने किया ।भाषण प्रतियोगिता में लखनऊ जनपद से नेताजी सुभाष चंद्र बोस राजकीय महिला महाविद्यालय इग्नू केंद्र की छात्रा माही बाजपेयी प्रथम स्थान, सीतापुर की छात्रा साक्षी मिश्रा द्वितीय तथा तृतीय स्थान उन्नाव की वैष्णवी को मिला। रील मेकिंग में हरदोई जनपद के अमन गुप्ता प्रथम, सीतापुर के मनीष कुमार द्वितीय तथा तीसरा स्थान लखनऊ की प्रियांशी वर्मा को मिला। नुक्कड़ नाटक में सीतापुर जनपद को प्रथम घोषित किया गया । लखनऊ जनपद को द्वितीय तथा तीसरा स्थान उन्नाव जनपद को मिला ।पुरस्कारों की घोषणा प्रो राजीव यादव प्रोफ़ेसर पूनम वर्मा तथा प्रो शालिनी श्रीवास्तव के द्वारा की गई । स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया इन्हें नकद पुरस्कार भी शासन द्वारा प्रदान किया जाएगा ।

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बारामती विमान दुर्घटना की जांच शुरू, ब्लैक बॉक्स बरामद

खबर है..नई दिल्लीनागर विमानन मंत्रालय ने बारामती के पास हुए दुर्भाग्यपूर्ण विमान हादसे के बाद, सभी आवश्यक प्रतिक्रिया और जांच तंत्रों को तुरंत सक्रिय कर दिया। एक संपूर्ण, पारदर्शी और समयबद्ध जांच सुनिश्चित करना मंत्रालय की सर्वोच्च प्राथमिकता है।दिल्ली स्थित विमान दुर्घटना जांच ब्‍यूरो (एएआईबी) के तीन अधिकारियों की एक टीम और मुंबई स्थित नागर विमानन महानिदेशालय के तीन अधिकारियों की एक अन्य टीम 28 जनवरी को दुर्घटनास्थल पर पहुंची। एएआईबी के महानिदेशक श्री जी.वी.जी. युगंधर भी उसी दिन घटनास्थल पर पहुंचे। दुर्घटनाग्रस्त विमान का ब्लैक बॉक्स बरामद कर लिया गया है और जांच तेजी से आगे बढ़ रही है।नागर विमानन मंत्रालय निर्धारित समय सीमा के भीतर, स्थापित मानक संचालन प्रक्रियाओं और निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार जांच पूरी करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। यह जांच एएआईबी नियम, 2025 के नियम 5 और 11 के अनुसार शुरू की गई है।

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विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए अगला 25 वर्ष निर्णायक : मोदी

खबर है..नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2026 के बजट सत्र के प्रारंभ में कहा कि राष्ट्रपति का अभिभाषण 140 करोड़ भारतीयों के आत्मविश्वास, परिश्रम और युवाओं की आकांक्षाओं का सशक्त प्रतिबिंब है। उन्होंने इस बजट सत्र को 21वीं सदी की दूसरी तिमाही की दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण अवसर बताया और 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में अगले 25 वर्षों को निर्णायक बताया। साथ ही, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा लगातार नौवीं बार बजट प्रस्तुत किए जाने को ऐतिहासिक क्षण बताया।प्रधानमंत्री ने भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते को युवाओं, किसानों, मछुआरों, निर्माताओं और सेवा क्षेत्र के लिए व्यापक अवसर खोलने वाला कदम बताया। उन्होंने उद्योग जगत से गुणवत्ता और प्रतिस्पर्धा पर ध्यान देने का आह्वान किया तथा कहा कि यह समझौता भारतीय उत्पादों को 27 यूरोपीय देशों के विशाल बाजार तक कम लागत में पहुंचाने में सहायक होगा, जिससे भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा और आर्थिक शक्ति मजबूत होगी।उन्होंने सरकार की पहचान सुधार, क्रियान्वयन और परिवर्तन बताते हुए कहा कि भारत दीर्घकालिक समस्याओं के बजाय स्थायी समाधानों की ओर तेजी से बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री ने मानव-केंद्रित विकास, प्रौद्योगिकी के संतुलित उपयोग और अंतिम छोर तक योजनाओं की प्रभावी डिलीवरी पर बल दिया। अंत में उन्होंने सांसदों से व्यवधान के बजाय समाधान, सशक्त निर्णय और सुधारों को गति देने के लिए सहयोग का आह्वान किया। मुख्य बिंदुराष्ट्रपति का अभिभाषण 140 करोड़ भारतीयों के आत्मविश्वास, परिश्रम और युवाओं की आकांक्षाओं को दर्शाता है।2026 का बजट सत्र 21वीं सदी की दूसरी तिमाही की दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण सत्र है।2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य के लिए अगले 25 वर्ष निर्णायक हैं।वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का लगातार नौवीं बार बजट प्रस्तुत करना ऐतिहासिक उपलब्धि है।भारत–यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता युवाओं, किसानों, मछुआरों, निर्माताओं और सेवा क्षेत्र के लिए बड़े अवसर लेकर आया है।इस समझौते से भारतीय उत्पादों को 27 यूरोपीय देशों के विशाल बाजार तक बेहतर पहुंच मिलेगी।उद्योग जगत को आत्मसंतुष्टि से बचते हुए गुणवत्ता और प्रतिस्पर्धा पर ध्यान देने का आह्वान।सरकार की पहचान सुधार, प्रदर्शन और परिवर्तन रही है।भारत दीर्घकालिक समस्याओं से हटकर स्थायी और पूर्वानुमान योग्य समाधानों की ओर बढ़ रहा है।विकास प्रक्रिया मानव-केंद्रित रहेगी और प्रौद्योगिकी का संतुलित उपयोग किया जाएगा।योजनाओं की अंतिम छोर तक प्रभावी डिलीवरी सरकार की प्राथमिकता है।भारत का लोकतंत्र और जनसांख्यिकी विश्व के लिए आशा की किरण है।सांसदों से व्यवधान के बजाय समाधान, सशक्त निर्णय और सुधारों को गति देने का आह्वान।

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विमान हादसे में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार का निधन

खबर है..नई दिल्ली महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार का आज सुबह विमान हादसे में निधन हो गया। उनका चार्टर प्लेन बारामती एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान क्रैश हो गया प्लेन में उपमुख्यमंत्री पवार के साथ एक सुरक्षाकर्मी, दो पायलट और एक महिला क्रू मेंबर भी सवार थे। इनमें से कोई भी नहीं बचा है इस हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख जताया है। जानकारी के अनुसार पवार पांच फरवरी को पुणे में होने वाले जिला परिषद चुनावों के लिए चार रैलियों को संबोधित करने वाले थे। वे मुंबई से सुबह 8.10 बजे रवाना हुए थे और 8:45 पर यह दुर्घटना हो गई।बारामती एक अनियंत्रित हवाई अड्डा है और यहां यातायात संबंधी जानकारी बारामती स्थित उड़ान प्रशिक्षण संगठनों के प्रशिक्षकों/पायलटों द्वारा प्रदान की जाती है। एटीसी (एयर ट्रैफिक कंट्रोल) पर तैनात व्यक्ति के बयान के अनुसार, घटनाओं का क्रम इस प्रकार है:नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अनुसार 28 जनवरी 2026 को, विमान वीटी-एसएसके ने भारतीय समयानुसार सुबह 8:18 बजे बारामती से संपर्क किया। विमान को बारामती की ओर 30 समुद्री मील की दूरी पर अगली सूचना मिली और पुणे अप्रोच द्वारा उन्हें उतरने की अनुमति दी गई। उन्हें पायलट के विवेकानुसार दृश्य मौसम संबंधी परिस्थितियों में उतरने की सलाह दी गई। चालक दल ने हवाओं और दृश्यता के बारे में पूछताछ की और उन्हें जानकारी दी गई कि हवाएं शांत थीं और दृश्यता लगभग 3000 मीटर थी। इसके बाद विमान ने रनवे 11 के अंतिम अप्रोच पर पहुंचने की सूचना दी, लेकिन रनवे उन्हें दिखाई नहीं दिया। उन्होंने पहले अप्रोच में ही गो-अराउंड शुरू कर दिया। गो अराउंड के बाद, विमान से उसकी स्थिति के बारे में पूछा गया और चालक दल ने रनवे 11 पर अंतिम अप्रोच की सूचना दी। उनसे रनवे दिखाई देने की सूचना देने को कहा गया। उन्होंने जवाब दिया, “रनवे अभी दिखाई नहीं दे रहा है, रनवे दिखाई देने पर सूचित करेंगे।” कुछ सेकंड बाद उन्होंने सूचना दी कि रनवे दिखाई दे रहा है। विमान को भारतीय समयानुसार सुबह 8:43 बजे रनवे 11 पर उतरने की अनुमति दी गई थी, हालांकि, लैंडिंग की अनुमति का उन्होंने रीडबैक नहीं दिया। इसके बाद, भारतीय समयानुसार सुबह 8:44 बजे एटीसी ने रनवे 11 के थ्रेशहोल्ड के पास आग की लपटें देखीं। आपातकालीन सेवाएं तुरंत दुर्घटनास्थल पर पहुंचीं।एएआईबी ने जांच अपने हाथ में ले ली है और एएआईबी के महानिदेशक जांच के लिए दुर्घटनास्थल पर पहुंच रहे हैं। आगे की जानकारी जैसे ही उपलब्ध होगी, उसे साझा किया जाएगा।महाराष्ट्र CM देवेंद्र फडणवीस बारामती पहुंच गए हैं। उन्होंने आज स्कूलों की छुट्‌टी और 3 दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है। पवार का अंतिम संस्कार बारामती में गुरुवार सुबह 11 बजे किया जाएगा। अजित के चाचा शरद पवार, पत्नी सुनेत्रा, दोनों बेटे और बहन सुप्रिया सुले भी बारामती पहुंच गई हैं।अजित पवार की पार्टी NCP भाजपा-शिवसेना महाराष्ट्र की गठबंधन सरकार में शामिल है। उन्हें मिलाकर पार्टी के कुल 41 विधायक थे। वे खुद उपमुख्यमंत्री थे। उनके अलावा 7 कैबिनेट और 1 राज्य मंत्री हैं।

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हेलमेट लुक्स के लिए नहीं, जीवन रक्षा के लिए है : किंजल सिंह

खबर है..लखनऊ उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग द्वारा सड़क सुरक्षा माह-2026 के तहत बुधवार को वाहन परीक्षण एवं प्रमाणीकरण केंद्र, लखनऊ में सड़क सुरक्षा में स्काउट-गाइड की भूमिका विषय पर एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि परिवहन आयुक्त श्रीमती किंजल सिंह ने दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती पूजन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। परिवहन आयुक्त ने अपने संबोधन में सड़क सुरक्षा को केवल एक सरकारी अभियान तक सीमित न रखकर इसे पारिवारिक क्रांति और जनांदोलन बनाने का आह्वान किया। उन्होंने अभिभावकों से अपील करते हुए कहा, सड़क सुरक्षा हर घर का मुद्दा है। माता-पिता को बच्चों की जिद के आगे झुकने के बजाय उनकी सुरक्षा के लिए सख्त होना चाहिए। यदि कोई बच्चा बिना हेलमेट या लाइसेंस के वाहन चलाने की जिद करता है, तो उसे रोकना अभिभावकों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। साल भर की बचत से खरीदा गया वाहन, एक छोटी सी लापरवाही से पूरे परिवार की खुशियां छीन सकता है।कार्यक्रम में अंत में परिवहन आयुक्त ने स्काउट-गाइड स्वयंसेवी संस्थाओं के लोगों को यातायात नियमों के प्रचार-प्रसार हेतु तथा उन्हें सड़क सुरक्षा नियमों की शपथ दिलाई गई। सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले प्रमुख स्कूलों को परिवहन आयुक्त द्वारा सम्मानित किया गया। बच्चे सड़क सुरक्षा के लिए करें अभिभावक को प्रेरितयुवाओं को संदेश देते हुए श्रीमती सिंह ने कहा कि हेलमेट लुक्स या स्टाइल खराब होने के डर से नहीं, बल्कि जीवन बचाने के लिए पहना जाना चाहिए। उन्होंने कहा विदेशों में सड़क दुर्घटनाएं कम होने का मुख्य कारण वहां का कड़ा अनुशासन है। भारत में भी हमें उसी अनुशासन को घर-घर तक पहुँचाना होगा। उन्होंने बच्चों से अपील की कि वे अपने अभिभावकों को हेलमेट पहनने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा अभिभावक किसी अधिकारी की बात टाल सकते हैं, लेकिन अपने बच्चों की बात नहीं। अगर बच्चे ठान लें, तो कोई भी बड़ा बिना हेलमेट घर से नहीं निकलेगा। नुक्कड नाटक और प्रदर्शनी ने मोहा मनकार्यक्रम में स्काउट-गाइड, एनसीसी कैडेट्स, संभव सेवा समिति और माउंट लिटेरा जी स्कूल के विद्यार्थियों ने प्रभावशाली नुक्कड़ नाटकों का मंचन किया। इन नाटकों के माध्यम से शराब पीकर गाड़ी चलाने और हेलमेट न पहनने के घातक परिणामों को भावनात्मक रूप से दर्शाया गया। इसके पूर्व, परिवहन आयुक्त ने सड़क सुरक्षा पर आधारित पेंटिंग और स्लोगन प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। प्रदर्शनी में स्कूली बच्चों ने रंगों और शब्दों के माध्यम से सुरक्षा के प्रति अपनी रचनात्मकता का परिचय दिया। शपथ और सम्मानकार्यक्रम के समापन सत्रमें परिवहन आयुक्त ने स्काउट-गाइड और स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों को यातायात नियमों के पालन और प्रचार-प्रसार की शपथ दिलाई। सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले प्रमुख स्कूलों और संस्थाओं को सम्मानित भी किया गया।इस अवसर पर लखनऊ के आरटीओ प्रशासन संजय तिवारी ने कहा, सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करना प्रत्येक नागरिक का नैतिक कर्तव्य है। सड़क पर हुई थोड़ी सी भी लापरवाही बड़े हादसे का कारण बन सकती है। आरटीओ एनफोर्समेंट प्रभात पांडेय ने कहा कि यातायात नियमों की अनदेखी से हादसे होते हैं। ऐसे में यातायात नियमों का सभी को पालन करना चाहिए। कार्यक्रम में परिवहन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों सहित बड़ी संख्या में स्कूल के शिक्षक, अभिभावक और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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क्षेत्रीय अधिकारी लक्ष्य के अनुरूप कार्य में लाये सुधार : प्रभु एन सिंह

खबर है..लखनऊ उत्तर प्रदेश परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक प्रभु एन सिंह की अध्यक्षता में बुधवार को वीडियो कान्फ्रेसिंग के माध्यम से सभी 20 क्षेत्रों के क्षेत्रीय प्रबंधकों/सेवा प्रबंधकों, सहायक क्षेत्रीय प्रबंधकों के साथ साप्ताहिक समीक्षा बैठक हुई। प्रबंध निदेशक ने बिन्दुवार विषयों की समीक्षा की। प्रबंध निदेशक ने बैठक में सुगम ऐप से लगने वाले क्रू-डयूटी की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने निर्देश दिये कि सभी चालक एवं परिचालक की डयूटी साफ्टवेयर के माध्यम से लगाना सुनिश्चित करें। किसी भी प्रकार की शिकायत मिलने पर संबंधित के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जायेगी। साफ्टवेयर का विकास डयूटी में पारदर्शिता लाने के लिए ही किया गया है।28 जनवरी तक के संचालन प्रतिफलों की समीक्षा में बस उपयोगिता, लोड फैक्टर, आय प्रतिबस प्रतिदिन व ईधन औसत में गतवर्ष की समान अवधि के सापेक्ष प्रदेश में सर्वाधिक गिरावट वाले क्षेत्र/डिपो के अधिकारियों को प्रतिफलों में सुधार के लिए सचेत किया तथा निर्देशित किया कि स्वयं डिपो/क्षेत्र के संचालन प्रतिफलों की नियमित समीक्षा करें। साथ ही समस्त क्षेत्रों को दिये गये आय के लक्ष्य को शत् प्रतिशत प्राप्त करना सुनिश्चित करें। क्षेत्र के अंतर्गत सबसे खराब प्रतिफल वाले डिपो में क्षेत्रीय प्रबन्धक/सेवा प्रबन्धक द्वारा पृथक-पृथक दिवस में डिपो का भ्रमण कर प्रतिफलों में सुधार लाने हेतु निर्देशित किया गया।बैठक में प्रदेश भर में होने वाली बस दुर्घटना की समीक्षा की गयी। उन्होंने सड़क सुरक्षा मानकों का पूर्ण पालन कराने के निर्देश दिये, जिससे कि दुर्घटनाओं में उल्लेखनीय कमी लाई जा सके। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री एवं परिवहन मंत्री के स्पष्ट निर्देश हैं कि सड़क दुर्घटनाओं में होने वाले मौत के आकड़ों में 50 प्रतिशत तक कमी लाई जाए। वर्तमान में परिवहन निगम की बसों से हो रही दुर्घटनाओं के कारण जनधन की हानि एवं बसों का संचालन सुदृढ़ न होने के कारण मुख्यालय से स्पष्ट निर्देश दिये गये हैं कि चालकों को बगैर प्रशिक्षण दिलाये मार्ग पर न भेजा जाए। चालकों को यातायात एवं सड़क सुरक्षा के नियमों के प्रति जागरूक कर नियमित उनकी काउन्सलिंग की जाए। साथ ही चालकों का ब्रेथ एनलाइजर टेस्ट भी किया जाए। गत वर्ष जनवरी 2025 ने फ़ैटल दुर्घटनाओं की कुल संख्या 23 एवं घायलों की संख्या 55 रही जबकि इस वर्ष माह जनवरी में 08 फ़ैटल एवं घायलों की संख्या 27 रही , गत वर्ष की तुलना में इस वर्ष सुधार हुआ है।बैठक में उन्होंने कहा कि विभिन्न जनपदों में बन रहे बस स्टेशनों की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि जनपद हमीरपुर में डिपो कार्यशाला को भूमि आवंटित किये जाने हेतु लगभग 690 लाख रूपये के सापेक्ष लगभग 345 लाख रूपये प्रथम किस्त के रूप में अवमुक्त कर दी गयी है। इसी प्रकार जनपद सिद्धार्थनगर में बस स्टेशन बासी के पुनर्निर्माण हेतु प्रथम किस्त के रूप में लगभग 152 लाख रूपये, जनपद संभल के चन्दौसी में नवनिर्माण कराये जाने वाले बस स्टेशन लगभग 150 लाख रूपये, जनपद रायबरेली के सलोन बस स्टेशन के पुनर्निर्माण हेतु लगभग 150 लाख रूपये अवमुक्त किये गये हैं। साथ ही अधिशाषी अभियन्ता को यह निर्देश दिये गये कि उक्त कार्यों की समीक्षा की जाये ताकि कार्यों में तेजी लायी जा सके, जिससे कि इसका लाभ जल्द से जल्द प्रदेश की जनता को मुहैया कराई जा सके।

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केंद्रीय बजट से परिवहन समुदाय को बड़ी उम्मीद

खबर है..नई दिल्ली ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. हरीश सभरवाल ने कहा कि सड़क परिवहन क्षेत्र भारत की अर्थव्यवस्था की जीवनरेखा और आवश्यक सप्लाई चेन की रीढ़ है। लेकिन बढ़ती ईंधन लागत, ऊँचे टोल शुल्क और बहु-स्तरीय कराधान के कारण परिवहन संचालन की आर्थिक व्यवहार्यता लगातार घट रही है।केंद्रीय बजट 2026–27 को कर सुधार, ईंधन सुधार और बुनियादी ढाँचे आधारित विकास पर केंद्रित होना चाहिए, न कि पहले से दबाव झेल रहे इस क्षेत्र से अतिरिक्त राजस्व वसूली पर। सही नीतिगत सहयोग मिलने पर परिवहन उद्योग रोजगार सृजन, लॉजिस्टिक्स दक्षता और ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है।उन्होंने आगे कहा कि बजट ऐसे समय में तैयार हो रहा है जब वैश्विक व्यापार अनिश्चितताओं से जूझ रहा है और भारत विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की ओर अग्रसर है। नीति-निर्माताओं से अपेक्षा है कि वे वित्तीय अनुशासन और विकास की आवश्यकताओं के बीच संतुलन बनाएँ, विशेष रूप से इंफ्रास्ट्रक्चर, स्वच्छ ऊर्जा, एमएसएमई और रोजगार सृजन पर ध्यान दें।परिवहन क्षेत्र ने यह भी रेखांकित किया कि 24×7 बैंकिंग और ईंधन स्टेशन सुविधाओं की सीमाओं के कारण नकद लेन-देन पर निर्भरता बनी हुई है। साथ ही, बढ़ती ईंधन लागत, राज्यों के बीच मूल्य असमानता और वैश्विक व्यापार तनाव का प्रभाव टायर, स्पेयर पार्ट्स और तकनीक के आयात पर पड़ रहा है।इन प्राथमिकताओं को संबोधित करने से परिचालन लागत स्थिर होगी, दक्षता बढ़ेगी और भारत की लॉजिस्टिक्स लागत में कमी आएगी, जिससे यह क्षेत्र देश की 5 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य और उससे आगे तक सार्थक योगदान दे सकेगा।

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संसद में राष्ट्रपति का अभिभाषण, कहा ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में दुनिया ने देखा भारतीय सेना का पराक्रम

खबर है..नई दिल्लीराष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज संसद में अपने अभिभाषण में कहा कि ऑपरेशन सिंदूर में दुनिया ने भारतीय सेवा का पराक्रम देखा। अब मिशन सुदर्शन चक्र पर काम हो रहा है। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के माध्यम से आतंक के अड्डों पर कड़ा प्रहार किया गया, जिससे भारत की सुरक्षा नीति का स्पष्ट संदेश गया।सरकार ने संसद में अपने संबोधन के माध्यम से देश के समग्र विकास की स्पष्ट और दूरदर्शी रूपरेखा प्रस्तुत की। महिला सशक्तीकरण, राष्ट्रीय सुरक्षा, आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था, रोजगार सृजन, युवाओं की भागीदारी और सांस्कृतिक गौरव को इस विज़न के केंद्र में रखा गया है। ‘स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार’ अभियान के तहत सितंबर 2025 में लगभग 7 करोड़ महिलाओं की स्वास्थ्य जांच कराई गई, जिससे समय पर इलाज संभव हुआ। साथ ही, एनडीए से महिला कैडेट्स का पहला बैच पास आउट होना देश के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है। राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में, सरकार ने आतंकवाद और माओवाद के विरुद्ध निर्णायक कार्रवाई की है। माओवादी प्रभाव 126 जिलों से घटकर 8 जिलों तक सिमट गया है, और एक वर्ष में लगभग 2,000 लोगों ने आत्मसमर्पण किया है। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के माध्यम से आतंक के अड्डों पर कड़ा प्रहार किया गया, जिससे भारत की सुरक्षा नीति का स्पष्ट संदेश गया।आर्थिक मोर्चे पर, पीआईएल योजना से 2 लाख करोड़ रुपये का निवेश और 17 लाख करोड़ रुपये से अधिक का उत्पादन हुआ है। इलेक्ट्रॉनिक्स, डिफेंस, सेमीकंडक्टर और ग्रीन एनर्जी जैसे क्षेत्रों में तेज़ी से प्रगति हो रही है। भारत आज दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्ट-अप इकोसिस्टम बन चुका है।युवाओं के लिए रोजगार, स्किलिंग और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए मुद्रा योजना, स्टार्ट-अप इंडिया, पीएम विश्वकर्मा और पीएम स्वनिधि जैसी योजनाएं प्रभावी ढंग से लागू की जा रही हैं। बीते वर्षों में इंफ्रास्ट्रक्चर पर 50 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश हुआ है, जिससे बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन हुआ।विदेश नीति के क्षेत्र में भारत ने संतुलित और मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए ग्लोबल साउथ की आवाज़ को मजबूती दी है। आपदा और संकट के समय भारत ने अनेक देशों में first responder की भूमिका निभाई है। सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए सरकार ने ऐतिहासिक पहल की है — भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों की वापसी, प्राचीन पांडुलिपियों का डिजिटलीकरण और आदिवासी विरासत के संरक्षण के प्रयास इसका उदाहरण हैं। सरकार ने दोहराया कि विकसित भारत का लक्ष्य एक साझा राष्ट्रीय संकल्प है, जिसे संसद, सरकार और नागरिक मिलकर साकार करेंगे।

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1225 नई इलेक्ट्रिक बसों की खरीद को मिली मंजूरी

खबर है..लखनऊ मुख्य सचिव एस.पी.गोयल की अध्यक्षता में उत्तर प्रदेश समर्पित नगरीय परिवहन निधि नियमावली, 2013 के तहत गठित ‘निधि प्रबंधन समिति’ की 16वीं बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रदेश में नगरीय परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़, पर्यावरण अनुकूल एवं आधुनिक बनाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। मुख्य सचिव ने कहा कि इन निर्णयों से प्रदेश में स्वच्छ, सुलभ एवं आधुनिक नगरीय परिवहन व्यवस्था को नई गति मिलेगी। बैठक में 1225 नई वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसों के क्रय प्रस्ताव को सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान की गई और आगे की कार्यवाही के लिए प्रमुख सचिव नगर विकास को अधिकृत किया गया। प्रस्ताव के अनुसार ये इलेक्ट्रिक बसें वर्तमान में संचालित 1140 डीजल एवं सीएनजी बसों के स्थान पर क्रय की जाएंगी। बसों का आवंटन विभिन्न शहरों में नगरीय परिवहन की आवश्यकता के अनुसार किया जाएगा।इलेक्ट्रिक बसों की संख्या में वृद्धि एवं आम नागरिकों को बेहतर नगरीय परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से वाराणसी में ई-बसों की चार्जिंग क्षमता बढ़ाने का भी निर्णय लिया गया। इसके अंतर्गत सारनाथ पार्किंग स्थल पर द्वितीय आपर्चुनिटी चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने तथा दो नए चार्जर लगाए जाने हेतु कार्यदायी संस्था द्वारा प्रस्तुत 103.53 लाख रुपये के प्रारम्भिक आगणन को स्वीकृति दी गई।बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि नगरीय परिवहन निदेशालय के अंतर्गत प्रदेश के 15 शहरों में संचालित इलेक्ट्रिक बसों के लिए कार्बन क्रेडिट प्रोजेक्ट लागू किया जाएगा। इसके लिए कंसल्टेंट के चयन हेतु निविदा प्रक्रिया प्रारम्भ करने की अनुमति दी गई। इस परियोजना के माध्यम से उत्सर्जन में कमी का अध्ययन कर कार्बन क्रेडिट का विक्रय किया जाएगा, जिससे नॉन-फेयर बॉक्स रेवेन्यू अर्जित किया जा सकेगा। कार्बन क्रेडिट से होने वाली आय में न्यूनतम शेयर के आधार पर कंसल्टेंट का चयन किया जाएगा तथा इस परियोजना पर निदेशालय पर किसी प्रकार का वित्तीय भार नहीं पड़ेगा।इसके अतिरिक्त उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रिक वाहन विनिर्माण एवं गतिशीलता नीति-2022 के अंतर्गत प्रदेश के 16 नगर निगमों में पब्लिक चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी प्रदान की गई। प्रस्ताव के अनुसार उत्तर प्रदेश रिन्यूएबल एंड ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (यूपीआरईवी) के माध्यम से 16 नगर निगमों के अंतर्गत 272 चिन्हित पब्लिक चार्जिंग स्टेशनों का विकास कराया जाएगा। यूपीआरईवी, उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड की इकाई है, जिसका गठन प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग अवसंरचना के विकास हेतु किया गया है।बैठक में प्रमुख सचिव नगर विकास पी.गुरुप्रसाद, सचिव नगर विकास अनुज कुमार झा, प्रबंध निदेशक यूपीएसआरटीसी प्रभु नारायण सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण आदि उपस्थित थे।

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