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नई दिल्ली
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत का एआई दृष्टिकोण ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ पर आधारित है। एआई मानव-केंद्रित, समावेशी और लोकतांत्रिक होना चाहिए, ताकि मनुष्य केवल डेटा न बन जाए।
उन्होंने ‘मानव’ (MANAV) विजन प्रस्तुत किया—नैतिकता, जवाबदेह शासन, राष्ट्रीय संप्रभुता, सुलभता और वैधता पर आधारित एआई।
प्रधानमंत्री ने पारदर्शिता, ओपन कोड, डीपफेक पर नियंत्रण, डिजिटल प्रामाणिकता और बच्चों की सुरक्षा पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि एआई रोजगार, नवाचार और कौशल विकास के नए अवसर पैदा करेगा और भारत वैश्विक एआई समाधान का केंद्र बनने की दिशा में अग्रसर है। कार्यक्रम में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों सहित कई वैश्विक नेता उपस्थित रहे।
