कर्तव्य पथ पर दिखी सांस्कृतिक विरासत और और समृद्ध शक्ति की झलक

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नई दिल्ली
देश की राजधानी दिल्ली में 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर कर्तव्य पथ पर भव्य परेड का आयोजन किया गया, जिसकी थीम ‘स्वतंत्रता के मंत्र– वंदे मातरम’ और ‘समृद्धि के मंत्र– आत्मनिर्भर भारत’ रही। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय समर स्मारक पर शहीदों को श्रद्धांजलि दी और इसके बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, उपराष्ट्रपति तथा मुख्य अतिथि यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन का स्वागत किया।
इस वर्ष पहली बार यूरोपीय संघ के दो शीर्ष नेता मुख्य अतिथि बने। परेड में सैन्य शक्ति, सांस्कृतिक विरासत और राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों की 30 झांकियों के माध्यम से भारत की विविधता और आत्मनिर्भरता को प्रदर्शित किया गया। लगभग 2500 कलाकारों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और देशभर से आमंत्रित 10,000 विशेष अतिथियों की भागीदारी रही।
एक नई पहल के तहत दर्शक दीर्घाओं के नाम देश की प्रमुख नदियों पर रखे गए। कार्यक्रम को जनभागीदारी से जोड़ने के लिए ‘माई भारत’ मंच के माध्यम से विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। समारोह के दौरान कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए थे।

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