दिल्ली-एनसीआर में पुराने ट्रकों-ब बसों को बदलने के लिए ₹9,585 करोड़ की योजना को मंजूरी

दिल्ली-एनसीआर में करीब 2.07 लाख वाहन मालिकों (1.91 लाख ट्रक और 16,329 बसें) को इसका लाभ मिलने का अनुमान

खबर है..
नई दिल्ली
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में वायु प्रदूषण कम करने और स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने के लिए पुराने ट्रकों और बसों के प्रतिस्थापन की दो वर्षीय ऐतिहासिक योजना को मंजूरी दी है। इस योजना पर कुल ₹9,585 करोड़ खर्च किए जाएंगे।
योजना का वित्तपोषण नेशनल कैपिटल विजन प्लानिंग बोर्ड (एनसीआरपीबी) द्वारा किया जाएगा, जबकि इसका क्रियान्वयन सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय तथा पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय करेंगे। इसे दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के सहयोग से लागू किया जाएगा।
योजना के तहत बीएस-IV या उससे पुराने ट्रक और बस मालिकों को अपने वाहनों को बीएस-VI या इलेक्ट्रिक वाहनों से बदलने के लिए प्रोत्साहन दिया जाएगा। दिल्ली-एनसीआर में करीब 2.07 लाख वाहन मालिकों (1.91 लाख ट्रक और 16,329 बसें) को इसका लाभ मिलने का अनुमान है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर में पीएम 2.5 प्रदूषण का 14 प्रतिशत, कार्बन मोनोऑक्साइड का 40 प्रतिशत और नाइट्रोजन ऑक्साइड का 63 प्रतिशत उत्सर्जन परिवहन क्षेत्र से होता है। कुल वाहनों में मात्र 3 प्रतिशत हिस्सेदारी होने के बावजूद ट्रक और बसें पीएम 2.5 उत्सर्जन का 36 प्रतिशत योगदान करती हैं।
योजना के प्रमुख लाभ
केंद्र सरकार की ओर से 5 वर्ष तक ऋण पर 5% ब्याज सब्सिडी।
वाहन श्रेणी के अनुसार ₹4,800 तक मासिक ईंधन वाउचर।
इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर एकमुश्त प्रोत्साहन राशि
राज्यों द्वारा पंजीकरण शुल्क माफ और मोटर वाहन कर में 100% तक छूट।
ऑटो कंपनियों की ओर से एक्स-शोरूम कीमत पर 8% तक छूट।
बीएस-III या उससे पुराने वाहनों को पंजीकृत स्क्रैपिंग केंद्रों पर स्क्रैप कराना अनिवार्य होगा, जबकि बीएस-IV वाहनों को एनसीआर के बाहर। गैर-एनसीएपी शहरों में बेचा या स्क्रैप किया जा सकेगा।
योजना का संचालन पूरी तरह डिजिटल पोर्टल के माध्यम से होगा, जिससे पात्रता जांच, सब्सिडी, ईंधन वाउचर और प्रदूषण में कमी की निगरानी वास्तविक समय में की जा सकेगी। इसकी निगरानी कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता वाली उच्चाधिकार समिति करेगी।

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