आंध्र प्रदेश में रेलवे नेटवर्क का 100 प्रतिशत विद्युतीकरण पूरा : वैष्णव

दक्षिण तटीय रेलवे जोन के गठन के लिए जारी होगी राजपत्र अधिसूचना, 1 जून, 2026 से होगी प्रभावी

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नई दिल्ली
रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने विशाखापत्तनम में गूगल क्लाउड इंडिया एआई हब के शिलान्यास समारोह के बाद सभा को संबोधित करते हुए कहा कि दक्षिण तटीय रेलवे जोन के गठन के लिए राजपत्र अधिसूचना जारी की जाएगी जो 1 जून, 2026 से प्रभावी होगी। उन्होंने संकेत दिया कि यह कदम आंध्र प्रदेश में रेलवे प्रशासन को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
मंत्री ने यह भी बताया कि आंध्र प्रदेश को रेलवे के लिए रिकॉर्ड 10,134 करोड़ रुपये का बजट आवंटन प्राप्त हुआ है जो आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के लिए संयुक्त रूप से विगत वर्षों में आवंटित 886 करोड़ रुपये की तुलना में काफी अधिक है। उन्होंने बताया कि आंध्र प्रदेश में वर्तमान में लगभग 1,06,000 करोड़ रुपये की रेलवे परियोजनाएं चल रही हैं जिनका उद्देश्य बंदरगाहों, पर्यटन स्थलों और प्रमुख शहरों को जोड़ने के साथ पूरे राज्य में संपर्क को बढ़ाना है।
मंत्री आंध्र प्रदेश में रेलवे नेटवर्क का 100 प्रतिशत विद्युतीकरण कर लिया गया है जिससे यह रेलवे के आधुनिकीकरण के मामले में अग्रणी क्षेत्रों में शामिल हो गया है।
मंत्री ने यात्री सेवाओं के संबंध में बताया कि वर्तमान में राज्य में 16 वंदे भारत ट्रेनें और 22 अमृत भारत ट्रेनें चल रही हैं जिससे यात्रा की क्षमता और सुविधा में वृद्धि हुई है। इसके अतिरिक्त उन्होंने यह भी कहा कि पूरे ईस्ट कोस्ट रेलवे कॉरिडोर को चार-लाइन वाले नेटवर्क में अपग्रेड किया जा रहा है जिससे इसकी क्षमता दोगुनी होने और 500 नई ट्रेनों के संचालन को सक्षम बनाने की उम्मीद है।
उन्होंने भविष्य में हाई-स्पीड रेल संपर्क के बारे में बात करते हुए प्रमुख दक्षिणी गलियारों में प्रस्तावित हाई-स्पीड संपर्क और यात्रा समय के बारे में विस्तार से बताया कि अमरावती से हैदराबाद – लगभग 70 मिनट, अमरावती से चेन्नई – लगभग 112 मिनट, हैदराबाद से पुणे – लगभग 1 घंटा 55 मिनट, पुणे से मुंबई – लगभग 48 मिनट,चेन्नई से बेंगलुरु – लगभग 73 मिनट, हैदराबाद से बेंगलुरु – लगभग 2 घंटे 8 मिनट होगी।

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